रांचीः क्या असम में हेमंत सोरेन की आदिवासियों की गोलबंदी को लेकर लगातार की जा रही सभा से कांग्रेस के माथे पर बल पड़े हैं.
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल कांग्रेस को अंदर ही अंदर परेशान करता दिख रहा है.
असम कांग्रेस के अध्यक्ष एवं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई गुरुवार को रांची आए हैं.
एआईसीसी के महासचिव जितेंद्र सिंह भी गोगोई के साथ रांची आए हैं. उनकी हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात हुई. इस मुलाकात में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू भी थे. .
मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मुलाकात को लेकर एक रिलीज में बताया है कि गौरव गोगोई और मुख्यमंत्री के बीच आगामी असम चुनाव झारखंड में चल रहे विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर
इससे पहले गोगोई के रांची पहुंचने पर कांग्रेस से झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका सिंह पांडेय और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशवम हतो कमलेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे थे.
हालांकि असम कांग्रेस के अध्यक्ष एवं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई ने रांची पहुंचने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से होने वाली मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया था.
लेकिन कांग्रेस नेता और हेमंत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का कहना है. “हम बिहार वाली स्थिति असम में नहीं दोहराने देंगे. हेमंत सोरेन सिर्फ झारखंड के नेता नहीं हैं, बल्कि उनकी लोकप्रियता और जनाधार बढ़ा है. वे आदिवासियों के बड़े नेता हैं. इसलिए हम चाहेंगे कि झामुमो असम में इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनकर चुनाव लड़े.”
एआईसीसी के महासचिव जितेंद्र सिंह के साथ रांची पहुंचे असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई का कहना है कि पार्टी आलाकमान ने बंधु तिर्की जैसे अनुभवी और जनाधार वाले नेता को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया है. उन्होंने असम के बड़े इलाके का दौरा कर वहां की स्थिति जानने की कोशिशें की है. आने वाले दिनों में झारखंड कांग्रेस से सहयोग लेकर असम में कैसे आगे बढ़ा जाएगा, इस पर आज चर्चा होगी.
असम में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कम अंतराल पर हुए दो दौरे और आदिवासियों की बड़ी सभा पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम गए हैं, निश्चित ही उन्होंने वहां के हालात देखे होंगे.
असम इंडिया ब्लॉक में झामुमो को जगह दी जाएगी? इस सवाल के जवाब में गौरव गोगोई ने कहा कि ये बातें मीडिया के सामने नहीं कही जाती हैं.
गौरतलब है कि मंगलवार को असम के तेजपुर इलाके में हेमंत सोरेन ने ‘जय भारत पार्टी की एक सभा में मुख्य अतिथि और वक्ता के तौर पर शामिल हुए थे. जय़ भारत पार्टी के अध्यक्ष ने जेएमएम के साथ असम चुनाव में ताल ठोंकने का दावा किया है.
बताया जा रहा है कि जेएमएम और जय़ भारत पार्टी टी ट्राइब्स वाले इलाके समेत आदिवासियों के प्रभावी क्षेत्रों में 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति तय कर रही है. हेमंत सोरेन ने राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री और झामुमो नेता चमरा लिंडा के अलावा सांसद विजय हांसदा तथा एमटी राजा को असम में हवाओं का रुक भांपने और आदिवासियों की आर्थिक- सामाजिक स्थिति समझने के अभियान में लगाया है.
कांग्रेस को इसका अहसास है कि अगर हेमंत सोरेन असम के चुनाव में उतरे, तो बीजेपी के साथ कांग्रेस की मुश्किलें भी बढ़ायेंगे. क्योंकि आदिवासियों के बीच हेमंत सोरेन का चेहरा एक मजबूत लीडर के तौर पर उभरा है.
