रांची: झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को साम्राज्यवाद विरोधी राजनीतिक दलों, मजदूर-किसान, महिला, युवा संगठनों और मजदूर यूनियनों ने संयुक्त रूप से वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई के खिलाफ मार्च निकाला.
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के आह्वाहन पर अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ आंदोलन के तहत यह मार्च रांची के सैनिक मार्केट से शुरू हुआ और परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक और शहीद चौक से होते हुए लोक भवन (राज भवन) पहुंचा. प्रदर्शनकारी वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की रिहाई की मांग कर रहे थे.
जाकिर हुसैन पार्क के पास पुलिस ने पोस्टर और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद यह मार्च एक जनसभा में बदल गया. सभा की अध्यक्षता झामुमो के जिला अध्यक्ष मुस्ताक आलम ने की. सभा का संचालन सीपीआई के अजय कुमार सिंह ने किया.
विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ भाषण किया. वे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रिहाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे. वक्ताओं ने इस पूरे मामले पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की चुप्पी पर भी हमला बोला.
सभा को संबोधित करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह विरोध अमेरिकी तानाशाही और छोटे देशों की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों के खिलाफ उसकी कार्रवाई के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की सभी पार्टियों द्वारा चिंता जताए जाने के बावजूद वेनेजुएला और गाजा के मुद्दों पर मोदी सरकार की चुप्पी दुखद है.
राज्य सभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि वे संसद में भी अमरीकी साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाएंगी.
सभा को शुभेंदु सेन,नंदिता भट्टाचार्य,सुख नाथ, सुरेश मुण्डा, भवन सिंह लोहारा राम प्रसाद यादव,ट्रेड यूनियन के अशोक यादव एवं समीर दास ने मुख्य रूप से संबोधित किया. इसके बाद राष्ट्रपति के नाम स्मार- पत्र राज्यपाल को सौंपा गया.
