ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार को कश्मीर भर में मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई.
अधिकारियों के हवाले से समाचार एजेंसी भाषा ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर यह कदम उठाया गया है.
शनिवार को तेहरान में इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गयी थी.
अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में सभी मोबाइल नेटवर्क की हाई-स्पीड इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई है.
खामेनाई की मौत के बाद भारत समेत दुनिया भर में प्रदर्शन के खबरें हैं.
समाचार एजेंसी के मुताबिक, “एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया रहते हैं. उन्होंने बताया कि लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों को अमेरिका विरोधी और इजराइल विरोधी नारे लगाते हुए और मातम मनाने के तौर पर अपनी छाती पीटते हुए देखा गया.”
इस बीच, पुलिस ने एक परामर्श जारी कर सभी मीडिया संस्थानों और समाचार मंचों से अपनी रिपोर्टिंग में उच्चतम स्तर की जिम्मेदारी और पेशेवर रवैया बरतने का आग्रह किया है.
परामर्श में कहा गया है, ‘‘कृपया अपुष्ट जानकारी, अटकलों या अफवाहों को प्रकाशित करने से बचें; सुनिश्चित करें कि सभी रिपोर्टों को प्रसारित करने से पहले विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि की गई हो; और सनसनीखेज सुर्खियों से बचें जो अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती हैं.’’
पुलिस ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार तथा तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग आवश्यक है.
