जमशेदपुरः लौहनगरी जमशेदपुर के उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी को पुलिस ने बरामद कर उनके घर वालों को सौंप दिया है.
14 दिनों पहले जमशेदपुर शहर से कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. उनकी बरामदगी को लेकर पुलिस ने एसआईटी गठित की थी.
जमशेदपुर पुलिस ने कैरव गांधी को हजारीबाग-बिहार की सीमा से बरामद किया है. अपहरण करने वाले कैरव को वहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में थे. सुबह लगभग साढ़े चार बजे पुलिस की कई टीमों ने एक साथ दबिश बनाई. और उस ठिकाने से कैरव को बरामद कर लिया.
गौरतलब है कि 13 जनवरी को कैरव गांधी के अचानक लापता होने की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी. राजनीतिक, व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चा और चिंता बनी हुई थी. 25 जनवरी को राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा अपहरण से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा करने जमशेदपुर पहुंची थीं. उन्होंने पुलिस के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे.
जमशेदपुर के एसएसपी पीयुष पांडेय ने मीडिया को बताया है कि पुलिस की दबिश में अपहर्ताओं ने कैरव गांधी को मुक्त कर दिया. उन्होंने बताया कि अपहर्ताओं को पकड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक अपहर्ताओं ने कैरव के साथ किसी किस्म का टॉर्चर नहीं किया है और वे स्वस्थ हैं.
युवा उद्यमी कैरव गांधी 13 जनवरी को दोपहर में अचानक लापता हो गये थे. उनकी कार सरायकेला जिला के चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के पास लावारिस अवस्था में मिली थी. जबकि कैरव के मोबाइल का अंतिम लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में मिला था. उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ पाया गया था.
इस घटना के बाद पुलिस को इनपुट्स मिले थे कि बिहार के अपहर्ता गिरोह ने कैरव का अपहरण किया है.
