बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या की घटना को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू है.
यह हमला उस समय हुआ जब वे जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ बसावनचक गांव में चुनाव प्रचार कर रहे थे.
हमलावरों ने पहले दुलारचंद यादव पर फायरिंग की. उनके पैर पर टायर के निशान भी मिले हैं. उनकी गाड़ी पर भी कई गोलियों के निशान हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है.
दुलारचंद यादव की गिनती मोकामा-टाल क्षेत्र के उन गिने-चुने लोगों में होती थी जिनकी क्षेत्रीय राजनीति पर गहरी पकड़ थी.
उन्हें एक समय लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेताओं में शामिल किया जाता था.
हालांकि इस बार के चुनाव में उन्होंने अपनी दिशा बदल ली थी और जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी उर्फ़ लल्लू मुखिया का खुलकर समर्थन कर रहे थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए. पूरे इलाके में पुलिस बलों की तैनाती गयी है.
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा है कि एक टीम घटना स्थल पर भेजी गयी है. पूरी रिपोर्ट का इंतजार है.
ये चुनावी हिंसा का नतीजा : तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रचार से लौटते वक्त पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने इस हत्या पर राज्य सरकार को कठघड़े में खड़ा करते हुए कई सवाल पूछे.
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव और लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं लेकिन बिहार में आचार संहिता लगी हुई है और लोग बंदूक गोली लेकर घूम रहे हैं.
उन्होंने राज्य सरकार और सुशासन को घेरते हुए कहा कि बिहार में दो सौ राउंड गोली चल जाती है कुछ नहीं होता आज दुलार चंद जी की हत्या हो गई.
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी जी 30 साल पहले की बात करते हैं. लेकिन आज तीस मिनट पहले क्या हुआ? तेजस्वी ने कहा, आज सिवान में एक एएसआई हत्या कर दी गई. वहीं दूसरी ओर मोकामा में दुलार चंद यादव की हत्या कर दी गई.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीवान और मुजफ्फरपुर में जनसभा थी. इस जनसभा में उन्होंने बिहार के जंगल राज का जिक्र करते हुए आरजेडी पर तीखा हमला बोला था.
