रांचीः झारखंड के चतरा में सोमवार की रात विमान दुर्घटना में दो क्रू मेंबर समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई है. सभी शवों को चतरा जिला मुख्यालय लाया गया है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरपान अंसारी दुर्घटना का जायजा लेने चतरा पहुंचे हैं.
उन्होंने कहा है कि जांच के लिए एक्सपर्ट्स की टीम चतरा पहुंच रही है. मृतक के परिजनों से भी मंत्री ने मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया है.
जिन सात लोगों की इस हादसे में मौत हुई है उनमें क्रू मेंबर विकास भगत, समरजीत सिंह के अलावा डॉ विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल हैं.
जानकारी के मुताबिक लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41) को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था. वे आगजनी की एक घटना में करीब 65 फीसदी तक जल गए थे. उनका होटल का व्यवसाय है. कुछ दिनों पहले होटल में आगजनी की घटना में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे.

इस घटना के बाद उन्हें 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था. स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया. सोमवार दोपहर उन्हें अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना किया गया था. साथ में डॉक्टर विकास कुमार और एक पैरामेडिकल स्टाफ भी थे.
कहां पर हुआ हादसा
सोमवार की देर साम 7.11 बजे रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस सी-90 ने रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी.
कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद शाम 7 बजकर 34 मिनट पर विमान का कोलकाता से रडार संपर्क टूट गया. उस समय ये विमान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व में था.
रात आठ बजे के करीब तेज बारिश के बीच चतरा जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत कसारी जंगल में इस एयर एंबुलेंस के क्रैश होने पर जोरदार धमाके की आवाज आसपास के ग्रामीणों को सुनाई दी.
आसपास के ग्रामीण सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे. उन्हें मलबे के बीच से धुआं और आग की लपटें दिखाई पड़ी. कुछ देर के बाद चतरा पुलिस और प्रशासन के लोग वहां पहुंचे. बचाव का कार्य भी कठिन हो रहा था. विमान के अंदर कई लोग बुरी तरह फंसे और झुलसे पड़े थे.
क्या बताया है मंत्री ने
इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बयान जारी कर बताया है कि उन्होंने जिला प्रशासन एवं सिविल सर्जन के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है.प्रारंभिक तौर पर यह मामला एविएशन सेफ्टी कंप्लायंस, स्टैंडर्ड फ्लाइट ऑपरेशन प्रोसीजर (SOP) और एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन से जुड़ा प्रतीत होता है. विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुँच रही है. ब्लैक बॉक्स की रिकवरी कर टेक्निकल फेल्योर एनालिसिस, मौसमीय परिस्थितियों (Adverse Weather Conditions), एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कम्युनिकेशन लॉग, तथा मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स और सर्विस हिस्ट्री की फॉरेंसिक जांच की जाएगी.
मंत्री ने कहा है, “मैंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित चार्टर कंपनी के एयरक्राफ्ट रजिस्ट्रेशन, एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट, डीजीसीए रेगुलेटरी कंप्लायंस, मेंटेनेंस शेड्यूल, ऑपरेशनल क्लियरेंस और पायलट फ्लाइट आवर्स की विस्तृत जांच हो. यदि किसी भी स्तर पर नेग्लिजेंस, ह्यूमन एरर, या सेफ्टी प्रोटोकॉल वायलेशन पाया गया, तो जिम्मेदार पक्ष पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.”
