रांचीः भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया है कि झारखंड के परिवहन सचिव आईएएस अधिकारी राजीव रंजन ने नियमों को दरकिनार करते हुए “एक दिन के ट्रांसपोर्ट आयुक्त” बनने का जो उदाहरण पेश किया है, वह नियमों के खिलाफ है.
अजय साह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में झारखंड सरकार ने 1 दिसंबर 2016 और 16 दिसंबर 2016 को गजट अधिसूचना जारी कर दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया था पहली, राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, और दूसरी, कोष प्रबंधन समिति, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं.
इन दोनों समितियों में परिवहन आयुक्त को सदस्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि 10 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 24 जारी कर राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त के सभी अधिकार स्वयं के पास लेने का कथित रूप से अवैध आदेश पारित किया.
इतना ही नहीं, अगले ही दिन 11 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 25 के माध्यम से उन्होंने अपने ही आदेश को निरस्त भी कर दिया. अजय साह ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए मांग की कि इन 24 घंटों के दौरान परिवहन विभाग में लिए गए सभी फैसले और फाइलों पर की गई कार्रवाई की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए.
