रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अभिभषाण में कहा है कि केंद्र से मिलने वाली वांछित आर्थिक सहायता के अभाव में राज्य सरकार को कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में केंद्र से अपेक्षित सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है.
उन्होंने संघीय ढांचे की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों के समुचित विकास के लिए केंद्र सरकार का समयबद्ध आर्थिक सहयोग अनिवार्य है. झारखंड को विकसित और समृद्ध किए बिना देश की समग्र उन्नति संभव नहीं है.
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का ‘राजधर्म’ हर वर्ग के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करना है. इसमें तीव्र आर्थिक वृद्धि, अधोसंरचना विस्तार, गरीबों और कमजोर वर्गों का कल्याण, किसानों एवं महिलाओं का सशक्तिकरण तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन प्रमुख लक्ष्य हैं.
उन्होंने कहा, “सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. वर्ष 2025 में साइबर अपराध के 1,413 मामलों में 1,268 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई. साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से 111 करोड़ रुपये की राशि ब्लॉक की गई, जबकि धारा 497 बीएनएस के तहत लगभग 12 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 54 लोकसेवकों की गिरफ्तारी भी की गई है.”
गौरतलब है कि विधायी परंपरा के तहत राज्यपाल का अभिभाषण सरकार के द्वारा तैयार की जाती है.
वैश्विक मंच पर झारखंड की उपस्थिति
पिछले महीने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधमंडल दावोस और लंदन के दौरे पर गया था. राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बताया है कि राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस सम्मेलन में भाग लेकर निवेश-उन्मुख नीतियों और “ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर” आधारित विकास मॉडल को प्रस्तुत किया.
इसके बाद यूनाइटेड किंगडम, विशेषकर लंदन में उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से निवेश संभावनाओं को मजबूत किया गया। इस संयुक्त पहल के तहत राज्य को अब तक लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
इनके अलावा सामाजिक कल्याण, रोजगार, नौकरियां देने में सरकार के कार्यों के साथ उद्योग तथा डिजिटल व आईटी के क्षेत्र में प्रगति की भी उन्होंने चर्चा की.
स्पीकर ने क्या कहा
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने बताया कि यह झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र है, जो 18 फरवरी 2026 से 19 मार्च 2026 तक चलेगा. इस दौरान कुल 17 कार्यदिवस होंगे.
इन कार्यदिवसों में बजट सहित राज्य की नीतियों, योजनाओं, वित्तीय प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा. 24 फरवरी को वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2027-27 के लिए बजट पेश करेंगे.
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे चल रही योजनाओं और आवश्यक व्ययों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी. उन्होंने कहा है कि यह बजट राज्य की भावी विकास दिशा, प्राथमिकताओं और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनेगा.
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी माननीय सदस्यों से आग्रह किया कि वे अनुदान मांगों पर चर्चा, कटौती प्रस्तावों के माध्यम से समीक्षा तथा नीतिगत सुझावों में सक्रिय भूमिका निभाएं.
