रांचीः झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. इस बार बजट का आकार एक लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का है.
इस बजट में योजना आकार 1,00,891 करोड़ रुपये का होगा. बाकी पैसे स्थापना में खर्च होंगे.
हेमंत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मईंयां सम्मान योजना के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
इस योजना के तहत लगभग 51 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने ढाई हजार रुपये भेजे जाते हैं.
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने 7990.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. जबकि शिक्षा पर सरकार 18,815.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
कृषि क्षेत्र में सरकार ने 4884.2 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है. राज्य की लगभग 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर करती है. जबकि लगभग 22 लाख छोटे और सीमांत किसान हैं. इस लिहाज से कृषि विभाग के बजट पर प्राथमिकता नहीं दिख रही है.
ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 5,081.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
पथ निर्माण विभाग का बजट 6601.28 करोड़ प्रस्तावित है.
जानें और किन विभागों के लिए कितनी राशि
- पेयजल स्वक्षता विभाग के लिए 5194 करोड़ रुपये
- खाद्य, सार्वजनिक वितरण व उपभोक्ता विभाग के लिए 2887 करोड़ रुपये
- श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए 1168 करोड़ रुपये
- एससी-एसटी, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 3568 करोड़ रुपये
- ऊर्जा विभाग के लिए 11 हजार 197 करोड़ रुपये
- नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए 3919 करोड़ रुपये
- पर्यटन विभाग के लिए 361 करोड़ 67 लाख रुपये
10 हजार करोड़ का बाल बजट
सदन में बजट पेश करने के बाद मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि बा बजट के लिए योजना आकार 1,00,891 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. उन्होंने इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया.
वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट के अंतर्गत शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को मजबूती दी जाएगी. विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया है, ताकि कोई भी बच्चा विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे.
