रांचीः झारखंड विधानसभा का बजट सत्र लगभग आधा गुजर जाने के बाद सोमवार, 9 अप्रैल को प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई.
बैठक की अध्यक्षता नेता विधायक बाबूलाल मरांडी ने किया. इसमे विधायकों के साथ संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह भी उपस्थित थे.
विधायक दल की बैठक के बाद विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक एवं हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र आहूत होने के समय सभी जनप्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव में व्यस्त थे. इसके बाद होली पर्व के कारण भी व्यस्तता रही. विधायकों की बैठक में राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई.
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के सवा वर्ष के कार्यकाल में राज्य में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, उस पर सभी विधायकों ने बिंदुवार चर्चा की. झारखंड की स्थिति को विधानसभा के अंदर और बाहर मजबूती के साथ उठाया जाएगा. यदि पार्टी को संघर्ष करना पड़ा तो संघर्ष भी किया जाएगा.
बैठक में विधायकों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और नौकरशाही हावी हो गई है. जनप्रतिनिधियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है. आम जनता परेशान है और अपनी शिकायतें लेकर आती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है.
बैठक में राज्य में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट, बिजली की समस्या, किसानों से धान की खरीद में हो रही देरी, बालू की किल्लत, कोयले की लूट, तथा बिना पैसे दिए सरकारी काम नहीं होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. साथ ही युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़, JTET परीक्षा से जुड़े मुद्दे, तथा कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई.
