रांचीः झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. इस बार बजट का आकार एक लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का है.
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार वित्तीय प्रबंधन के साथ विकास और कल्याण के सभी मोर्चे पर मजबूती से आगे बढ़ रही है.
पिछले वर्ष (2025-26) में हेमंत सरकार का बजट 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का था. इसमें योजना में 67 प्रतिशत और स्थापना में 33 प्रतिशत खर्च का प्रावधान किया गया था.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट पेश करते हुए कहा है कि 2026-27 के लिए राज्य का कुल बजट आकार एक लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है. इसमें राजस्व व्यय 1,20,851.90 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 37,708.10 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है.
पूंजीगत व्यय में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि विकास परियोजनाओं पर सरकार के विशेष फोकस को दर्शाती है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट पेश करते हुए सदन में कहा है कि झारखंड का राजस्व सीमित है, इसलिए अन्य स्रोतों के माध्यम से इसे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. दावोस में झारखंड को मजबूती से पेश किया गया. कुछ दिन पहले ही ग्राम सभा को मजबूत करने के उद्देश्य से पेसा कानून को लागू किया गया. महिला किसान खुशहाली योजना की शुरुआत की गई है.
उन्होंने अपने बजट भाषण कहा कि केंद्र सरकार का आर्थिक सहयोग जरूरी है, लेकिन अभी तक हमें सही ढंग से सहयोग नहीं प्राप्त हुआ. केंद्र के गलत निर्णय के कारण झारखंड पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. जीएसटी की वजह से झारखंड को हर साल 4000 करोड़ का नुकसान हो रहा है.
वित्त मंत्री ने कहा, “वीभी-राम जी योजना की वजह से झारखंड को हर साल 5640 करोड़ का नुकसान होगा. झारखंड सरकार अपनी संसाधनों से जरूरतें पूरा कर रही हैं. किसी के एक माह का भी वेतन नहीं रुका है.आज भी राजकोष में 78000 करोड़ रूपया है उपलब्ध. राजस्व बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य सरकार की विकासोन्मुख सोच, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और “अबुआ झारखंड” के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है. यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा, आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को समर्पित है.
