रांचीः सीबीआइ की विशेष अदालत ने गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर अलकतरा घोटाले में आरोप गठित कर दिया है.
यह मामला 2003-04 का है, जिसमें उनकी कंपनी कलावती कंस्ट्रक्शन पर फर्जी चालानों के जरिए 2.23 करोड़ रुपये के अवैध भुगतान का आरोप है.
अदालत ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप गठित किया है. अदालत ने सीबीआइ को मामले में 20 फरवरी से साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी कलावती कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के तत्कालीन निदेशक थे.
आरोप है कि कंपनी के निदेशक के रूप में सत्येंद्रनाथ तिवारी ने आपराधिक साजिश रचकर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया और गलत तरीके से आर्थिक लाभ प्राप्त किया।
यह मामला वर्ष 2003-04 का है. कलावती कंस्ट्रक्शन को छत्तरपुर-जपला रोड (32 किमी) बनाने का ठेका लिया था.
योजना की लागत करीब सात करोड़ रुपये थी. पथ निर्माण विभाग में अलकतरा खरीद से संबंधित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ था.
इसके बाद सीबीआइ ने घोटाले के लेकर 2009 में प्राथमिकी दर्ज की थी.
जांच में पाया गया था कि कलावती कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. ने सड़क निर्माण कार्य के दौरान 114 अलकतरा के चालान प्रस्तुत किए थे, जिनमें से 61 चालान पूरी तरह फर्जी पाए गए.
इन फर्जी चालानों के आधार पर लगभग 1200 मीट्रिक टन अलकतरा के एवज में 2.23 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान लिया गया था.
