हजारीबागः हजारीबाग के केरेडारी में जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजे को लेकर डेढ़ महीने से चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव तथा उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
केरेडारी में कोयला खनन परियोजनाओं को लेकर जमीन अधिग्रहण के मामले में मुआवजे की मांग को लेकर , योगेन्द्र साव बीते एक दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे.
धरना, विरोध- प्रदर्शन को लेकर कई दफा पुलिस और प्रशासन के साथ कई मौके पर उनकी नोंक-झोंक भी होती रही है.
गुरुवार को दिन करीब पौने चार बजे दोनों नेताओं को केरेडारी थाना और पगार ओपी पुलिस ने ऋत्विक कोल माइंस कार्यालय के समीप कर्बला स्थित धरनास्थल से उठाया.
उनके साथ अन्य कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया गया गया है. पुलिस उन्हें लेकर केरेडारी थाना पहुंची.
इस बीच केरेडारी थाना परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई. योगेंद्र साव की बेटी और कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी थाने पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया की जानकारी लेती दिखीं.
योगेन्द्र साव इन आरोपों पर जोर देते रहे हैं कि उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा भुगतान नहीं किया गया.
इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज हुआ और चट्टी बरियातू कोल माइंस का संचालन पिछले 30 दिनों से ठप पड़ा था. कोयला ट्रांसपोर्टिंग भी करीब 20 दिनों तक बंद रही, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई. विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कई बार वार्ता हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका.
गत 19 फरवरी को प्रशासनिक बल की मौजूदगी में माइंस और ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पुनः शुरू कराया गया था. लेकिन गुरुवार को दिल्ली से लौटकर धरना स्थल पहुंचे योगेन्द्र साव ने माइंस चालू कराने पर सवाल उठाए.
हाल ही में योगेन्द्र साव और अंबा प्रसाद ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर केरेडारी क्षेत्र की कोल कंपनियों से जुड़े मुद्दों से अवगत कराया था.
