रांची: पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने एक बार फिर बीजेपी में शामिल हुए हैं. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में दुलाल ने पार्टी की सदस्यता ली.
इस मौके पर उनके पुत्र विप्लव भुइयां, दिलीप भुइयां तथा भुइयां समाज के केंद्रीय उपाध्यक्ष नुनूलाल भुइयां भी समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए.
दुलाल भुईंया जुसलाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं. उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर और शिबू सोरेन के करीबी नेताओं में गिना जाता था.
झारखंड में वे दो बार भूमि सुधार और राजस्व मंत्री भी रहे. 2009 में उन्हें आजसू के रामचंद्र सहिस ने हराया था. 2014 में वे बीजेपी में शामिल हुए थे.
बीजेपी से मोहभंग होने के बाद बसपा में शामिल हो गए. फिर वे झारखंड विकास मोर्चा में भी आए और गए.
भुईयां ने पलामू लोकसभा सीट से वर्ष 2019 में अपनी पत्नी अंजना भुईयां को बसपा के टिकट से चुनाव लड़वाया, लेकिन पत्नी की बड़ी हार हुई.
इससे पहले दुलाल भुईयां के अधिवक्ता पुत्र विप्लव भुईयां को झामुमो ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी.
भाजपा में शामिल होने के बाद दुलाल भुइयां ने कहा, “भाजपा में शामिल होना भुईयां समाज द्वारा सोच-समझकर लिया गया फैसला है. नामकुम के अंबेडकर नगर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों को देखते हुए यह कदम उठाया है. इतनी बड़ी पार्टी में भुइयां समाज को सम्मान केवल भाजपा में ही मिल रहा है. मैं 1980 से लगातार भुइयां समाज को एकजुट रखा हूं. महाशिवरात्रि के कारण सीमित संख्या में हम आए हैं. लेकिन अब बीजेपी के साथ सच्चा सिपाही बनकर काम करना है.”
उन्होंने झामुमो पर भी हमला बोला और कहा, “जब दिशोम गुरु (शिबू सोरेन) जीवित थे, तब झामुमो संघर्ष की पार्टी थी, लेकिन आज यह हेमंत सोरेन की जेबी पार्टी बन गई है. हमलोगों को प्रताड़ित किया गया. भाजपा छोड़कर कोई अन्य पार्टी भुईयां समाज को सम्मान नहीं दे सकती.”
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त पर दुलाल भुइयां का भाजपा में शामिल होना स्वागतयोग्य है. मेरा उनसे पुराना संबंध है. उनके आने से पार्टी की ताकत बढ़ेगी और दलित क्षेत्र में हम मजबूत होंगे.” उन्होंने कहा, “भाजपा पहले रामभक्तों की पार्टी थी और अब सबरी के वंशज भी शामिल हो गए हैं, यह हर्ष का विषय है. निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करें.”
