रांची। झारखंड से हज यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. यात्रा को लेकर राजधानी रांची के कडरू स्थित हज हाउस में रविवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में हाजियों ने भाग लिया.
इस दौरान हज यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां विस्तार से साझा की गईं. साथ ही प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञों द्वारा यात्रा प्रक्रिया, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां, मक्का-मदीना में पालन किए जाने वाले नियमों तथा सऊदी अरब में आचरण से जुड़े दिशा-निर्देश भी बताए.
हज कमेटी के चेयरमैन, सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने खाड़ी देशों में उत्पन्न परिस्थितियों और आंशका को लेकर स्पष्ट किया कि हज यात्रा पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है तथा अब तक ऐसी कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, जिससे हज यात्रा प्रभावित हो.
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि हाजियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि कोई बदलाव होता है, तो सभी यात्रियों को समय पर सूचित किया जाएगा और आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे.
इस वर्ष झारखंड से लगभग 1530 हाजियों को हज यात्रा पर भेजा जाएगा। इनमें 250 हाजी मुंबई, 246 हाजी दिल्ली और 1036 हाजी कोलकाता से रवाना होंगे, जहां से उन्हें मक्का और जेद्दा के लिए क्लीयरेंस दिया जाएगा.
18 अप्रैल को पहला जत्था
हज यात्रियों का पहला जत्था 18 अप्रैल को कोलकाता से रवाना होगा. 18 से 23 अप्रैल तक मंत्री डॉ. इरफान अंसारी स्वयं कोलकाता एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर हाजियों को विदा करेंगे.
इस मौके पर उन्होंने कहा कि हाजियों की खिदमत करना और उनकी दुआ हासिल करना मेरे लिए सौभाग्य और आत्मिक संतोष का विषय है.
