रांचीः हजारीबाग के विष्णुगढ़ में मंगला जुलूस देखने गई एक नाबालिग बच्ची की दरिंदगी से की गई हत्या के मामले में अखबारों में छपी खबर पर सोमवार को संज्ञान लिया है.
जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने इस मामले में राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी करते हुए सभी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. अदालत ने पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया है.
इसके साथ ही अदालत ने यह मामला आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के पास स्थानांतरित कर दिया है.
सोमवार को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने अदालत के समक्ष मामला उठाते हुए घटना की पूरी जानकारी दी और इसकी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया.
अधिवक्ता सिकरवार ने अदालत के समक्ष अखबारों की प्रति प्रस्तुत करते हुए बताया कि यदि यह खबर प्रकाशित नहीं होती, तो मामला अदालत के संज्ञान में नहीं आ पाता.
खबरों को देखने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए तत्काल सुनवाई की. अदालत ने सुनवाई के दौरान राज्य के डीजीपी और हजारीबाग के एसपी को दूरभाष के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया.
दोनों अधिकारी मोबाइल के जरिए सुनवाई में शामिल हुए.
अदालत ने हजारीबाग एसपी से पूछा कि घटना 24 मार्च की है, 25 मार्च को केस दर्ज हुआ, लेकिन अभी तक छह दिन बीत जाने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी.
गौरतलब है कि इस हत्याकांड को लेकर सोमवार को हजारीबाग बंद रहा. स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है.
पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है, लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
