रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने डोरंडा थाना क्षेत्र में कार-बाइक दुर्घटना के मामले में अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी तरह की जांच पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने बाइक सवार युवक मोबाज खान द्वारा के कथित आपत्तिजनक पोस्ट की भी जांच का आदेश दिया है.
मोबाज खान के सोशल मीडिया पर उन्मादी पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सीबीआइ को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने मोबाज खान के प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के साथ कथित संपर्क और क्रियाकलापों की जांच करने और शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
मंगलवार को रांची शहर के डोरंडा थाना क्षेत्र में हुई हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन की कार से एक बाइक सवार को ठोकर लगी थी. इसके बाद बाइक सवार ने अधिवक्ता की कार रोक दी. और चलती कार के बोनट पर सवार होकर एक वीडियो भी बनाया. दोनों तरफ से डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
मनोज टंडन ने इस घटना को लेकर कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. टंडन ने याचिका में कहा कि वह दुर्घटना में शामिल नहीं थे और घटना के बाद उन्मादी भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे उनकी जान को खतरा भी बना रहा. दूसरी ओर, खुद को पीड़ित बताने वाले मोबाज खान ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट किया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है.
