रांचीः चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआइ कोर्ट ने तीन अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है.
तीनों अभियुक्त मो असलम अंसारी उर्फ पप्पू मियां, मो कैफ और मो गुरफान को विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को यह सजा दी है. तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
फैसले के दौरान आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया.
गौरतलब है कि दो फरवरी को मामले में पांच आरोपियों की सजा पर सुनवाई हुई थी. इनमें तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया था, जबकि दो अन्य आरोपी मो इरफान और इश्तेखार मियां को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया था. मामले में एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई जेजे
बोर्ड में लंबित है. सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने अदालत में 15 गवाह प्रस्तुत किये.
भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था
अभियोजन के अनुसार, हजारीबाग में छह फरवरी 2022 को शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था.
विसर्जन जुलूस के दौरान एक विवाद के बाद भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.
इस घटना को लेकर बरही थाना में 27 आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 59/2022 दर्ज किया गया था. पुलिस ने सात फरवरी 2022 को मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत ने दो सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया था.
रूपेश की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआइ जांच की मांग को लेकर हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चला.
