रांचीः झारखंड में ओबीसी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देने के लिए सरकार अपने स्तर से पेंच सुलझाने में जुटी है. राज्य सरकार इस मद में अपने हिस्से के 350 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वित्त विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी है.
कल्याण विभाग ने वित्त विभाग से राज्य की राशि खर्च करने की अनुमति मांगी थी. पिछले दिनों कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने इस बाबत अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने हिस्से की राशि खर्च करने के लिए सभी प्रक्रिया पूरी करने को कहा था.
झारखंड के 4.14 लाख ओबीसी (OBC) छात्रों को इस साल पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है. छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने पर अलग- अलग छात्र संगठन लगातार आंदोलन करते रहे हैं. विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मामला गरमाया रहा.
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 2.32 लाख ओबीसी छात्रों में से सिर्फ 17,931 बच्चों को ही छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है. जबकि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दो लाख से अधिक आवेदन आए, जिन पर अब तक फैसला नहीं हुआ है.
राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र के हिस्से की राशि न मिलने के कारण ऐसी स्थिति बनी है.
केंद्रीय हिस्सा न मिलने की स्थिति में राज्य के हिस्से की राशि खर्च करने पर भी रोक रहती है.
ऐसे में कल्याण विभाग ने वित्त विभाग से राज्य के हिस्से की करीब 350 करोड़ की राशि खर्च करने की अनुमति मांगी थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है.
