रांचीः कोयले के अवैध कारोबार को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने पलटवार करते हुए कहा है कि झारखंड में कानून का राज है और किसी भी स्तर की अवैध गतिविधि पर कार्रवाई कार्रवाई जरूर होती है.
जेएमएम नेता ने कहा है कि बाबूलाल मरांडी रोज झूठ गढ़ते हैं. उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं होती. अगर तथ्य और सूबत हो, तो वे सरकार को बताएं.
उन्होंने अवैध कोयला व्यापार को लेकर लगाए गए आरोपों को “बेबुनियाद, राजनीतिक रूप से प्रेरित और घबराहट में किया गया झूठा प्रहसन बताया.
उन्होंने कहा कि मरांडी जी जान लें—झूठ को सौ बार बोलने से वह सच नहीं हो जाता. भाजपा सत्ता से बाहर है, इसलिए उसे हर जगह डर और भ्रम नजर आ रहा है.
महासचिव विनोद पांडेय ने आगे कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार और कोयला माफिया को बढ़ावा देने वाली कोई सरकार रही है, तो वह भाजपा के नेतृत्व में रही थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सबसे पहले मरांडी जी यह बताएं कि उन्हें कोयला साइट्स, थानों की फीस, हवाला रूट और ‘महाराजा-सेनापति’ वाली पूरी स्क्रिप्ट किसने थमाई? यह आरोप कम और किसी फिल्मी लेखक की कहानी ज्यादा लगती है.
उन्होंने कहा कि मरांडी द्वारा सरकार पर बेबुनियादी आरोप लगा रहे हैं यह उनकी राजनीतिक हताशा का चरम है. मरांडी जी के आरोपों में न तथ्य है, न सबूत. केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने का प्रयास है. भाजपा अब झारखंड की जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है. इसलिए वह रोज़ नए आरोप गढ़ रही है.
भाजपा से जुड़े रहे हैं तमाम कोयला कारोबारी
पांडेय ने यह भी कहा है कि कि भाजपा को आईना दिखाना जरूरी है. झारखंड में कोयला माफिया किस राजनीतिक दल के संरक्षण में पनपे, यह पूरी दुनिया जानती है. धनबाद से लेकर गिरिडीह तक भाजपा के नेताओं से जुड़े नाम आज भी कोर्ट में लंबित मुकदमों में दर्ज हैं. मरांडी जी यूं ही ‘साइट-वाइट’ की कहानी लिखने से पहले अपनी पार्टी का इतिहास पढ़ लें. भाजपा की बेचैनी को भला कौन नहीं जान-समझ रहा है. समय आने पर सभी नामों का पर्दाफाश किया जाएगा.
