खूंटीः खूंटी जिले के रनिया में जंगली हाथियों के उत्पात से से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. बुधवार को ग्राम प्रधान संघ के नेतृत्व में एक जनसभा की गई. इसमें हजारों लोग जुटे. ग्राम प्रधानों ने वन विभाग को निशाने पर लिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हाथियों के हमले में लोग मारे जा रहे हैं. खेतों की फसलें रौंदी जा रही है. घर ढहाये जा रहे हैं, लेकिन कोई संकट से निजात दिलाने में वन विभाग नकारा साबित हुआ है.
हालांकि जनसभा में वन विभाग के किछ कर्मी उपस्थित रहे. कुछ देर के लिए बीडीओ प्रशांत डांग और थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल भी आए.
सभा में आए सभी ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि अब बहुत हुआ उन्हें वन्य प्राणियों के उत्पात से स्थाई मुक्ति चाहिए।
ग्रामप्रधान संघ रनिया के अध्यक्ष सुरेश कोंगाड़ी, जिनके घर को भी जंगली हाथियों द्वारा धंसाया गया है, काफी गुस्से में थे. उन्होंने कहा कि क्या वन विभाग सिर्फ जंगल से काटे गए अवैध लकड़ी और अवैध बालू के उत्खनन व परिवहन को देखने के लिए है. हाथी, बंदर, मोर और वनसुअर से ग्रामीण परेशान हैं. हाथी लोगों की जान ले रहे हैं, हर दिन किसी ना किसी गरीब के घर को धंसा रहे हैं. इस समस्या का स्थाई सामाधान वन विभाग क्यों नहीं कर रहा है. ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि अगर जल्द उन्हें हाथियों के उत्पात से मुक्ति नहीं दिलाई गई, तो वे रनिया में वन विभाग के कार्यालय को नहीं रहने देंगे.
डाहू पंचायत के मुखिया रिमिस कंडुलना ने कहा, “हाथियों ने ग्रामीण को मार दिया था और जब उन्होंने रेंजर को फोन किया, तब उन्होंने मुखिया से कड़े शब्दों में कहा राजनीति करते हो. मुखिया समेत सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज तक डीएफओ और रेंजर हाथी प्रभावित गांवों में नहीं आए. जंगलों की हो रही अवैध कटाई पर रोक क्यों नहीं लग रही है.”

बंगाल का हाथी भगाने वाला भीम दल
जिला परिषद सदस्य विरेन कंडुलना ने कहा, “हम किसान हैं और हमारे जीने का सहारा खेती-बारी है. लेकिन वन्य प्राणी हाथी, बंदरों और मोर के झुंड समेत वनसुअर हमारे खेतों में लगे फसलों को लगातार नष्ट कर रहे हैं. इससे हर परिवार को खाने को लाले पड़ने वाले हैं. दूसरी ओर हाथी हर दिन घरों को धंसा रहे हैँ और किसानों की जान ले रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि सरकार बंगाल से हाथी भगाने वाले भीम दल को बुलाए और पूर्व की तरह रनिया को वन्य प्राणियों के उत्पात से मुक्ति दिलाए.
साथ ही वन रक्षा समिति को निश्चित राशि ससमय उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की. बिजली विभाग से भी निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की गई.
जारी रहेगा आंदोलन
ग्रामप्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश कोंगाड़ी ने कहा कि अब परिणाम आने तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि जल्द ही तोरपा के एनएचपीसी मैदान में हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की एक सभा होगी. जिसके बाद कर्रा और बानो (सिमडेगा) में सभा कर लोगों को गोलबंद किया जाएगा. इसके बावजूद अगर वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता, तो वन प्रमंडल, खूंटी का घेराव बड़े पैमाने पर किया जाएगा.
सभा को रनिया की प्रमुख नेली डाहंगा समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.
