खूंटी: खूंटी जिले प्रतिभाशाली तीरंदाज झोंगो पाहन का चयन भारतीय टीम में हुआ है. वे दुबई में 7 से 14 दिसंबर 2025 तक होने वाले एशियन यूथ पैरा गेम्स में भारतीय टीम के सदस्य के तौर पर प्रदर्शन करेंगे.
इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल इसी वर्ष एक अक्तूबर को साई, सोनीपत (हरियाणा) में आयोजित किया गया था, जिसमें झोंगो ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह पक्की की.
झोंगो खूंटी के फुदी पंचायत अंतर्गत सिलदा पंचायत के रहने वाले हैं. अभावों के बीच वे तीरंदाजी में कठिन अभ्यास करते हुए इस मुकाम तक पहुंचे.
झारखंड तीरंदाजी संघ की सचिव पुर्णिमा महतो ने इस चयन की जानकारी झोंगो के कोच आशिष कुमार को दी.
खूंटी समेत पूरे झारखंड के खेल प्रेमियों ने झोंगो के भारतीय टीम में शामिल होने के लिए बधाई दी है. भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए झोंगो पाहन को बधाई दी है.
उत्साह से लबरेज
झोंगो 11वीं के छात्र हैं और खूंटी के मॉडल स्कूल में अध्ययनरत हैं. सीमित संसाधनों में यह अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल करना उनकी अटूट लगन और समर्पण का प्रमाण है. अपनी सफलता पर झोंगो ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं भारतीय टीम का हिस्सा बन पाऊंगा. जब कोच सर ने पहली बार धनुष दिया था, तभी सपना देखा था कि भारत का नाम रोशन करना है. अब जब दुबई जाने का मौका मिला है, तो मैं देश के लिए पदक जीतना चाहता हूं.
17 साल के झोंगे के पिता साधारण किसान हैं. झोंगे पांच भाई-बहन हैं. आर्थिक तंगी और शारीरिक दिव्यांगता जैसी चुनौतियों के बावजूद झोंगो ने हार नहीं मानी और इन बाधाओं की चुनौती के बीच निशाना साधते रहे.
विद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय सफर
वर्ष 2023 में झोंगो पाहन का नामांकन जिला मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय में हुआ थी.
विद्यालय के प्रशिक्षक आशीष कुमार और दानिश अंसारी ने उन्हें बांस का धनुष थमाया और तीरंदाजी की बुनियादी शिक्षा प्रदान की.
जनवरी 2025 में जयपुर में आयोजित पैरा नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में झोंगो ने रजत पदक जीतकर सबका ध्यान खींचा. इसी उपलब्धि ने उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिलाया. प्रोफेशनल और ऊंचे दाम वाले तीर धनुष की कमी उन्हें आगो बढ़ने से रोकती रही. क्योंकि एक प्रोफेशनल धनुष की कीमत करीब तीन लाख रुपये थी. इस स्थिति में कोच दानिश अंसारी ने अभ्यास के लिए धनुष उपलब्ध कराया, जिससे झोंगो ने मेहनत जारी रखी और हाल में हुए चयन ट्रायल में भारतीय टीम के लिए चयनित हुए.
उन्होंने कहा कि झोंगो पाहन ने विपरीत परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों को मात देकर जो यह असाधारण उपलब्धि हासिल की है, वह साहस, समर्पण और मेहनत का अद्भुत उदाहरण है. हमें पूरा विश्वास है कि दुबई में होने वाले एशियन यूथ पैरा गेम्स में वे देश के लिए पदक जीत कर खूंटी समेत पूरे देश का नाम रोशन करेंगे.
