खूंटीः रनिया के थानेदार विकास कुमार जायसवाल पर दो नवंबर को किए गए जानलेवा हमले और जवान अनीष बारला से हथियार छीनने के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।.
रनिया से खूंटी लाने के क्रम में इन सभी आरोपियों को रनिया बाजार में घुमाया गया, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही.
जेल भेजे गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ममरला टेंगरा गांव निवासी सुखदेव झोरा उर्फ भोको (20 वर्ष), रनिया के जापुद झोराटोली निवासी सेनेतर भेंगरा उर्फ सोनू (24 वर्ष), बड़काटोली डिगरी निवासी जगतपाल सिंह उर्फ चौठा सिंह (45 वर्ष), मेलानियुस होरो (32 वर्ष), केराटोली डिगरी निवासी मार्शल कोंगाड़ी (66 वर्ष) तथा कनकलोया बरटोली निवासी महिला पूनम भेंगरा (42 वर्ष) शामिल हैं.
खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने बताया है कि इन अभियुक्तों के खिलाफ रनिया थाना में दो नवंबर को ही अंचलाधिकारी प्रशांत डांग के आवेदन पर कांड संख्या 33/25 दर्ज किया गया है.
इस मामले में तोरपा के एसडीपीओ ख्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में तीन थानों के पुलिस पदाधिकारियों को मिलाकर एक टीम गठित की गई थी. टीम ने छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आगे कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
घटना की जानकार दी एसपी ने
एसपी ने बताया कि दो नवंबर को लोहागड़ा में डाईर जतरा (मेला) लगा था, जहां थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र बल के साथ तैनात थे. जवान मेले में अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी कर रहे थे. इसी दौरान थाना प्रभारी को सूचना मिली कि दो पक्षों में झगड़ा हो रहा है.
सूचना पर थाना प्रभारी एक जवान के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ लोग शराब के नशे में झगड़ रहे हैं. थाना प्रभारी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक उन पर जानलेवा हमला कर दिया. जब जवान ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने रायफल छीनने की कोशिश की.
एसपी ने बताया कि थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल अब खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है.
