चाईबासाः झारखंड़ के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव थाना क्षेत्र के खडपोस पंचायत के तिलोकुटी गांव मे शुक्रवार सुबह एक हाथी ने दो लोगों को मार डाला है.
कोल्हान के आदिवासी इलाके में 9 दिनों के दौरान हाथियों के हमले से अब तक 20 आदिवासियों की मौत हो चुकी हैं.
दर्जनों गांवों के लोग खौफ में जी रहे. शाम होने के साथ घरों में दुबके रहते हैं.
कई गांव के लोगों सरकारी स्कूल में सामूहिक तौर पर रात गुजार रहे. वन विभाग इस भयावह हालात को संभालने में फिलहाल नाकाम साबित हो रहा है.
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह हाथियों के झुंड से बिछड़े एक हाथी ने बेनीसागर गांव के एक आठ साल के बच्चे दामोदर कुल्डी को कुचल कर मार डाला.
इसके बाद इसी गांव के एक व्यक्ति प्रकाश दास (मालुवा) को कुचल कर कर सर को धड़ से अलग कर दिया.
उत्पात मचाता इस हाथी का एक दांत देखा गया है. हाथी को खदेडने के लिए वन विभाग टीम घटनास्थल पहुंची हुई है. और मझगांव पुलिस भी घटनास्थल पहुंचकर शव उठाने का प्रयास कर रही है. वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे की मदद से हाथी को ट्रेस करने में जुटी है.
हाथी को खदेड़ने के दौरान एक वनकर्मी सुखलाल बेसरा को हाथी ने पटक कर बुरी तरह घायल कर दिया है. उसे इलाज के लिए ओडिशा के क्योंझर ले जाया गया, जहां बेसरा की मौत हो गई.
ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथी बेकाबू हो गया है. और काफी आक्रमक हो गया है. शुक्रवार की सुबह हाथी ने जिस तरह दो लोगों का मारा, वह दृश्य भवायह था.
गौरतलब है कि दस दिनों से पश्चिमी सिंहभूम जिले के अलग-अलग आदिवासी इलाकों और जंगलों-पहाड़ों की तराई वाले गांवों जंगली हाथियों का आतंक जारी है, जहां 9 दिनों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले 6 जनवरी को नोवामुंडी और हाटगम्हरिया में हाथियों ने सात लोगों को मार डाला था.
हाथियों के हमले रोकने में वन विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं. गरीब आदिवासी परिवारों पर इन घटनाओं से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. ग्रामीण मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
नोवामंडी, गोइलकेरा, हाटगम्हरिया में दो दांतों वाले एक हाथी ने उत्पात मचाकर रख दिया है. लेकिन मझगांव इलाके में जो हाथी देखा गया है, उसके एक दांत हैं. वन विभाग के अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि झुंड से बिछड़े कम से कम तीन हाथी बसावट वाले इलाके में घुस कर उत्पात मचा रहे हैं.
