रांचीः झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि भारत का संविधान न केवल विश्व का सबसे विशाल लोकतंत्र है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक न्याय और जनकल्याण का प्रमुख मार्गदर्शक भी है.
’संविधान दिवस’ पर कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि संविधान के आदर्शों को अपनाकर ही हम एक सशक्त, समतामूलक और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं.
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे संविधान प्रदत्त मूल्यों- न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व को अपने जीवन व आचरण में आत्मसात करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ.
इस अवसर पर उन्होंने संविधान के उद्देशिका का सामूहिक वाचन कराया. दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति समेत कई अधिकारी, प्राध्यापक और छात्र मौजूद थे.
छठा दीक्षांत समारोह
विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने छात्रों को जीवन में सफलता के भी मंत्र दिए.
राज्यपाल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. निरंतर परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और उत्कृष्ट चरित्र ही व्यक्ति को मंजिल तक पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि आज का युग अत्यधिक प्रतिस्पर्धा का है, इसलिए युवाओं को स्वयं को तैयार करना होगा और हर अवसर को पहचान कर आगे बढ़ना होगा.
स्वयं अवसर सृजन करें
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को केवल नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं अवसर सृजन करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि आज देश में स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें युवाओं को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बदल रहा है और इस परिवर्तन का नेतृत्व युवाओं के हाथ में है. यदि छात्र दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो वे न केवल स्वयं सफल होंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे.
