लोहरदगाः शव के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान जा रहे लोगों का एक समुदाय के द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद दुखीजन ग्रामीणों ने अर्थी सड़क पर रख दी. और एनएच 143 एजी को लगभग तीन घंटे तक जाम कर दिया.
हालात को देखते हुए जिले के डीसी और एसपी को मौके पर पहुंचना पड़ा. शव लेकर जा रहे ग्रामीणों को समझाया गया, लेकिन ग्रामीण इस मामले का स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.
एक महिला के निधन के बाद ग्रामीण और परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए सिठियो के पास कोयल नदी स्थित श्मशान घाट जा रहे थे. इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने इस बात का विरोध किया. उनका कहना था कि वह इस रास्ते से जा कर अपनी सीमा में अंतिम संस्कार नहीं करने देंगे.
इसके बाद विवाद बढ़ गया और पहले पक्ष के लोगों ने सड़क पर अर्थी रख दी तथा एनएच 143 एजी को सिठियो के समीप जाम कर दिया. धरने पर कई महिलाएं भी बैठी दिख रही हैं. इस दौरान लगभग तीन घंटे तक एनएच जाम रहा. इस कारण कुछ समय के लिए मामला गरमा गया था. शव का दाह संस्कार रोके जाने से लोगों ने हंगामा किया. देखते ही देखते काफी संख्या में लोग जुट गए. उनका पक्ष था कि यहीं पर शवों का दाह संस्कार होता रहा है.
विवाद की जानकारी मिलने पर कई अधिकारी मौके पर पहुंचे सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं थे. इसके बाद लोहरदगा डीसी डॉ. ताराचंद और लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी भी मौके पर पहुंचे. उनके समझाने के बाद ग्रामीण माने. इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई. अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा.
