न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने ज़ी न्यूज़ पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई एक फर्जी और भ्रामक रिपोर्ट के लिए की गई है, जिसमें दावा किया गया था कि जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में एक मुस्लिम ट्रक ड्राइवर ने ट्रक की छत पर नमाज़ पढ़ी, जिससे श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर भारी जाम लग गया.
4 मार्च 2025 को ज़ी न्यूज़ ने प्राइमटाइम प्रसारण में यह वीडियो दिखाया था. रिपोर्ट का शीर्षक था “ट्रक पर नमाज़, हाईवे किया जाम” और “खड़ी रही गाड़ियां, लोग हुए परेशान”.
चैनल ने दावा किया कि ड्राइवर ने सड़क के बीच में ट्रक रोका और नमाज़ अदा की, जिससे एक तरफ ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया, जबकि दूसरी तरफ कोई जाम नहीं था. एंकर ने बार-बार यह वीडियो चलाया और कथित तौर पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की.
हालांकि, वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी. फैक्ट-चेकिंग प्लेटफॉर्म अल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने उसी दिन एक्स पर स्पष्ट किया कि हाईवे पर जाम मौसम की खराब स्थिति और भूस्खलन के कारण लगा था. ट्रक ड्राइवर सहित अन्य वाहन जाम में फंसे थे और सड़क साफ होने का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान रमज़ान के महीने में ड्राइवर ने ट्रक की छत पर नमाज़ पढ़ी. नमाज़ का जाम से कोई लेना-देना नहीं था.
गौरतलब है कि ज़ी न्यूज़ पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं कि अल्पसंख्यकों को लेकर उसकी खबरें कथित पूर्वाग्रह वाली होती हैं.
