विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के चार दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में अपनी सफाई दी.
प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने ईमानदार से प्रयास किया है. उसमें सफलता नहीं मिली. इसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है. व्यवस्था परिवर्तन की बात छोड़िए, हम सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा सके, लेकिन बिहार की राजनीति बदलने में हमारी भूमिका ज़रूर बनी है. अगर जनता ने हम पर भरोसा नहीं जताया, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी मेरी है. मैं ये जिम्मेदारी अपने ऊपर लेता हूं. जिस कोशिश के लिए हम जुड़े थे, उसपर जनता का विश्वास नहीं जीत पाए.
238 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पीके की पार्टी का चुनाव में खाता भी नहीं खुला है.
जबकि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि अगर जनता दल (यूनाइटेड) ने चुनाव में 25 से ज़्यादा सीटों पर जीत दर्ज की तो वह राजनीति छोड़ देंगे.
जेडीयू ने बिहार में 85 सीटें जीती हैं. इसके बाद से ये सवाल उठते रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति छोड़ेंगे?
पटना में हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपने इस बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा, “मैं उस बात पर बिल्कुल कायम हूं. अगर नीतीश कुमार की सरकार ने ये वोट नहीं ख़रीदे हैं, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा.”
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक पत्रकार ने उन्हें काउंटर किया कि ‘जब आपने ये बयान दिया था, तब ये शर्तें क्यों नहीं बताईं थीं?’
इस पर प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं किस पद पर हूं कि इस्तीफ़ा दे दूं? मैंने ये तो नहीं कहा था कि बिहार छोड़कर चले जाएंगे. मैंने राजनीति छोड़ रखी है, राजनीति कर ही नहीं रहे हैं. लेकिन ये तो नहीं कहा है कि बिहार के लोगों की बात उठाना छोड़ देंगे.”
जन सुराज पार्टी का दावा है कि नीतीश कुमार की सरकार ने चुनाव से पहले कई सारी योजनाएं लाईं और बिहार की जनता के खातों में पैसे भेजे. इसकी वजह से एनडीए फिर सत्ता में आई है और जन सुराज को हार मिली है.
प्रशांत किशोर ने कहा, चुनाव में जीविका दीदी को लगाया गया. चुनाव में पूरा सरकारी तंत्र लगा रहा. आंगनवाड़ी और आशा की सैलरी बढ़ाई गई. एनडीए ने सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर चुनाव जीता है. इस दौरान बिहार में पलायन पर कहा कि अगर पलायन रुक जाए तो राजनीति छोड़ दूंगा.
पीछे हटने वाला नहीं हूं
प्रशांत किशोर ने बिहार छोड़ने के सवाल पर कहा कि ‘मैं आप सब से माफी मांगता हूं. जो कुछ कमी है उसे सुधारा जाएगा. मैं बिहार छोड़ दूंगा, ये भ्रम है. मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं, दोबारा दोगुने जोश से लड़ेंगे. ये जन सुराज और पीके की जिद है. हमने हिंदू-मुसलमान की राजनीति नहीं की. बिहार को सुधराने की कोशिश जारी रहेगी. जब तक सुधार नहीं दूंगा, बिहार से नहीं जाऊंगा.
भ्रष्टाचार को लेकर कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को कभी भ्रष्टाचारी नहीं कहा. परिणाम के बाद नीतीश कुमार स्वस्थ हैं. पीके ने कहा कि वे भ्रष्ट मंत्रियों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया था ना कि नीतीश कुमार को लेकर. पीके ने अपील की है कि नयी सरकार में भ्रष्टाचार मुक्त मंत्रिमंडल बनें.
