रांची: राजधानी रांची में एयरपोर्ट के पास एक दुर्लभ प्रजाति के सांप ‘रेड सैंड बोआ’ पाया गया है. साप का सफल रेस्क्यू कर जू भेजा गया है.
सोमवार रात करीब 9 बजे रांची एयरपोर्ट के सामने स्थानीय लोगों की नजर इस सांप पर पड़ी. सांप को देखकर इलाके में हलचल मच गई, जिसके बाद तुरंत स्नेक कैचर रमेश को सूचना दी गई.
सूचना मिलते ही स्नेक कैचेर मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक इस दुर्लभ सांप को रेस्क्यू किया. सांप को सुरक्षित रूप से जू भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ उसकी निगरानी करेंगे.
शुष्क क्षेत्रों में पाए जाने वाला सांप रेड सैंड बोआ शांत स्वभाव का होता है. अपनी अनोखी बनावट के लिए जाना जाते वाले इस सांप का शरीर चिकना, मोटा और गहरे लाल-भूरे रंग का होता है. इसकी विशेषता इसकी पूंछ है, जो इसके शरीर जितनी ही मोटी होती है. यह पूंछ अंत में गोल और कुंद होती है, जिससे पहली नजर में यह सांप के सिर जैसी दिखती है. यह एक विकसित विशेषता है, जो शिकारी को भ्रमित करने के लिए होती है.
इस सांप की तस्करी भी की जाती है. हाल ही में झारखंड मे वन विभाग ने छापा मारकर एक रेड सैंड बोआ सांप बरामद किया था. इसके साथ ही तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस प्रजाति की भारी तस्करी के पीछे व्यापक अंधविश्वास और मिथक जिम्मेदार हैं.
यह सांप पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है.
स्नेक कैचर रमेश ने बताया कि यह सांप काफी दुर्लभ होता है और आमतौर पर इस क्षेत्र में देखने को नहीं मिलता. लोगों को इसे देखकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सामान्यतः आक्रामक नहीं होता.
अक्सर किसानों का मित्र कहे जाने वाले रेड सैंड बोआ खेतों के आसपास भी देखे जाते हैं। ये चूहे और अन्य कृतक (Rodents) खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा, यह सांप पक्षियों, अंडों, छिपकलियों और यहाँ तक कि अन्य साँपों का भी शिकार करता है.
