रांचीः झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले शहरी निकायों के चुनाव को लेकर शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई. रांची नगर निगम में मेयर पद के लिए होने वाले चुनाव में आठ उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं. इस बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सुजीत बिजय आनंद कुजूर को समर्थन दिया है. जेएमएम के इस फैसले से सियासत गर्म हो गई है.
शहरी निकायों के चुनाव भले ही गैर दलीय हो रहे हैं, पर सत्ता- विपक्ष के बड़े नेता मोहरे बिछाने में जुटे हैं. इससे पहले कांग्रेस ने रमा खलखो को समर्थन दिया है. उधर भाजपा समर्थित रोशनी खलखो चुनावी अभियान में जुटी हैं. नामांकन के बाद यही माना जा रहा था कि मेयर के लिए चुनाव में सीधा मुकाबला रमा खलखो और रोशनी के बीच होगा. लेकिन जेएमएम का समर्थन लेकर सुजीत बिजय आनंद कुजूर ने भी सबका ध्यान खींचा है.
इस बीच झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि मेयर पद के लिए नामांकन करने वालों में तीन उम्मीदवार संजय टोप्पो, राजेंद्र मुंडा,,सुनील फकीरा कच्छप ने रोशनी खलखो के समर्थन में पर्चा वापस ले लिया है.
पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से ये तीनों उम्मीदवारों ने मुलाकात की और बताया कि रोशनी खलखो के पक्ष में समर्थन देते हुए नामांकन वापस लिया है. ये तीनों भाजपा से ही जुड़े हैं. जानकारी के मुताबिक रोशनी खलखो के समर्थन में नाम वापसी के लिए भाजपा की मुहिम के तहत तीनों ने नाम वापस लिए हैं. पार्टी के कई नेता लगातार उनसे बातचीत कर रहे थे.
नाम वापसी के बाद रांची नगर निगम के लिए होने वाले चुनाव में अब 11 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं. सात फरवरी को विधिवत उन्हें सिंबल मिलेगा.
इन 11 उम्मीदवारों में रमा खलखो, देवी दयाल मुण्डा, सोनू खलखो, सुजाता कच्छप, विनोद कुमार बड़ाईक, प्रवीण कच्छप, सुमन कांत तिग्गा, किरण कुमारी, सुरेंद्र लिंडा, रोशनी खलखो और सुजीत बिजय आनंद कुजूर शामिल हैं.
