रांचीः झारखंड की राजधानी रांची के मौसीबाड़ी इलाके से लापता दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितपुर इलाके से बरामद कर लिया गया है. स्थानीय युवकों की सूचना पर पुलिस दोनों बच्चे को साथ लेकर रांची आई. इसके बाद पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के मौके पर माता-पिता को दोनों बच्चे सौंप दिए गए.
इस मामले में एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. राज्य की पुलिस प्रमुख तदाशा मिश्रा ने बच्चों की तलाशी में जुटी पुलिस की टीम और अधिकारियों को गहन छानबीन और तत्परता दिखाने के लिए बधाई दी है.
एक प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी ने बताया कि पुलिस 11 दिनों से बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए दिन- रात जुटी थी. बच्चों के गायब (ट्रैफिकिंग) में अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ का पता चला है. पुलिस ने अनुसंधान के लिहाज से गिरोह का खुलासा नहीं किया है. साथ ही दावा किया है कि इस गिरोह से जुड़े लोगों को बी गिरफ्तार किया जाएगा.
चार साल का अंश और पांच साल की अंशिका दोनों भाई-बहन हैं. दो जनवरी को रांची के मौसीबाड़ी इलाके से दोनों लापता हो गए थे. बच्चों के लापता होने के बाद उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल बना था. यह परिवार नियाहत साधारण और गरीब है.
मंगलवार की रात बच्चों के चितरपुर क्षेत्र में दिखने की सूचना मिलते ही स्थानीय युवाओं ने तत्परता दिखाई. डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार ने रात भर खोजबीन और गश्ती की. बुधवार की सुबह दोनों बच्चे चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के पहाड़िया जहाने जगह पर बैठे मिले. इसके बाद स्थानीय युवकों ने बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया. और तुरंत पुलिस को जानकारी बच्चों के मिलने के बारे में जानकारी दी.
इसके बाद रामगढ़ पुलिस तत्काल हरकत में आई. एसपी अजय कुमार चितरपुर पहुंचे. वे दोनों बच्चों को लेकर रामगढ़ लौटे. इसके बाद रांची के पुलिस अधिकारी रामगढ़ पहुंचे और वहां से बच्चों को लेकर रांची आए.
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लापता बच्चों के सकुशल बरामदगी पर प्रसन्नता जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर कहा है, ” इस घटना की वजह से व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे. हम इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ने जा रहे हैं. आगे भी राज्य और इससे बाहर घटित हुई घटनाओं का गहन पड़ताल करते हुए अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई जारी रहेगी. रांची पुलिस के साथ झारखंड पुलिस की टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बहुत-बहुत बधाई. हमारे बच्चों अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं.”
पुलिस का अंतर्राज्यीय अभियान
पुलिस ने बच्चों की तलाश में अंतर्राज्यीय अभियान शुरू किया था. पुलिस के कम से कम चालीस अधिकारी बच्चों की तलाशी में जुटे थे. इधर स्थानीय लोग बच्चों की सकुशल बरामदगी को लेकर आंदोलन भी कर रहे थे.
राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा इस मामले में मॉनिटिंग कर रही थीं. रांची के एसएसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी अलग-अलग एसआईटी की कार्रवाई पर नजर रखे हुए थे. पुलिस ने लापता बच्चों के बारे में सूचना देने पर चार लाख रुपये इनाम की घोषणा की थी. बच्चों के हक, अधिकार और सुरक्षा के लिए काम करने वाले एनजीओ और वॉलटिंयर्स से भी संपर्क साधा गया था. बिहार, बंगाल, ओडिशा में भी पुलिस ने छानबीन की थी.
हिरासत में लिए गए पति पत्नी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. पता चला है कि दोनों बिहार के रहने वाले हैं. शालीमार बाजार के पास से दोनों ने बच्चों को गायब कर दिया था. इसके बाद चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के पहाड़िया जहाने नामक जगह में एक महिला रोशन आरा के मकान में एक कमरे किराया पर लिया था. दस दिनों से वे वहीं रह रहे थे.
(यह खबर अपडेट की जाएगी)
