जमशेदपुरः जमशेदपुर पश्चिमी से जदयू के विधायक सरयू राय ने बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी नेता नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर हैरानी जाहिर करने के साथ कहा है कि यह सत्ता हस्तांतरण का सही सही समय नहीं है.
उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार स्वयं इस बदलाव के लिए तैयार भी थे, तब भी बिहार में सत्ता परिवर्तन का तरीका ज्यादा सम्मानजनक और गौरवशाली होना चाहिए था.
सरयू राय ने कहा है, “अचानक लिया गया यह फैसला जनता व समर्थकों के गले नहीं उतर रहा है. हालांकि नेतृत्व जो भी निर्णय लेता है, वह सोच-समझकर ही लेता है, लेकिन मेरी समझ से ऐसे फैसलों का समय सही होना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा कदम उठाने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यापक विमर्श करना चाहिए था. बिना किसी पूर्व संकेत के अचानक ऐसा फैसला लेना राजनीतिक रूप से सही नहीं है.
उन्होंने कहा, “चुनाव के ठीक बाद इस तरह से आम जनता को अचानक यह बताना कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, उचित नहीं है. इससे समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है. हमारे जैसे नेताओं को भी यह निर्णय ठीक नहीं लग रहा है.”
उन्होंने सुझाव दिया कि नीतीश कुमार को अभी कुछ और समय बिहार में रहकर राज्य का नेतृत्व करना चाहिए.
जमशेदपुर में मीडिया के एक सवाल के जवाब में सरयू राय ने कहा कि नीतीश कुमार पर दबाव क्या हो सकता है? उन्होंने तो कहा ही है कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ पूरी तरह से हैं. नीतीश कुमार पर आज तक किसी ने कोई दबाव नहीं डाला है. इसलिए बिना किसी पूर्व संकेत के अचानक ऐसा फैसला लेना राजनीतिक रूप से सही नहीं है.
जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2005 से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन की स्थापना हुई और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. ऐसे में अचानक उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर राज्यसभा भेजने की प्रक्रिया कई लोगों को असहज कर रही है.
