रांची. झारखंड में टाटा समूह कई नए क्षेत्रों में निवेश करने की तैयारी में है. सोमवार को टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद इस मसौदे पर सहमति जतायी.
मुख्यमंत्री ने उनसे ज्ञान आधारित क्षेत्रों में निवेश का आग्रह किया, जिसे टाटा समूह ने स्वीकार किया है. इसके अलावा स्टील निर्माण को लेकर नई तकनीक पर रिसर्च की शुरुआत की जानकारी दी गई. इसके लिए समूह ने 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश की स्वीकृति दी है.
बैठक के बाद एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि समूह झारखंड में हाइड्रोजन ट्रकों के निर्माण को लेकर काम कर रहा है. इसके अलावा होटल इंडस्ट्री में भी टाटा समूह निवेश करने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि रांची में होटल के व्यवसाय में टाटा समूह संभावनाओं की तलाश कर रहा है. इसके बाद दूसरे जिलों में भी समूह के प्रयासों का असर दिखेगा. उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार के साथ कई कार्यक्रमों में हम सहभागी बनना चाहते हैं.
हेमंत सोरेन ने की तारीफ
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह की तारीफ करते हुए कहा है, “झारखंड की महान धरा टाटा समूह की जन्मभूमि है. इसलिए इस महान राज्य और टाटा समूह का रिश्ता किसी समझौते या कागज़ पर लिखी साझेदारी से कहीं अधिक गहरा है. यह विश्वास, संस्कार और साझा इतिहास का संबंध है.”
हेमंत सोरेन ने आगे कहा, आज रांची में ग्रुप चेयरमैन का स्वागत करते हुए मन में एक आत्मीयता का भाव था – जैसे घर का कोई अपना, जिसने दुनिया देखी, सफलता पाई, लेकिन अपनी जड़ों को कभी नहीं भुलाया और अपने लोगों के बीच लौटकर खड़ा हो.
उन्होंने कहा, “टाटा समूह ने झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को केवल उद्योग नहीं दिया. कार्य संस्कृति दी. विश्वविख्यात संस्थान दिए और मानवीय गरिमा का भाव दिया. उनकी सोच केवल रोज़गार तक सीमित नहीं रही, बल्कि आत्मसम्मान और समाज निर्माण से जुड़ी रही है.”
सोरेन ने कहा, “आने वाला समय हमारे युवाओं के सपनों का है. हम चाहते हैं कि झारखंड की मिट्टी से निकली प्रतिभा यहीं अवसर पाए, यहीं ज्ञान का सृजन करे और यहीं से दुनिया को दिशा दे. इसलिए अब हमारे अपने परिवार के सदस्य टाटा समूह के साथ राज्य के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ता और आत्मीयता के साथ आगे बढ़ाने का समय है.”
