रांचीः ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का झारखंड में जगह-जगह असर देखने को मिल रहा है.
इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा ने भी समर्थन दिया है. नए चार लेबर कोड रद्द करने, बीज और वीबी जी अधिनियम वापस लेने समेत अन्य मागों को लेकर यह हड़ताल बुलाई गई है.
झारखंड के रामगढ़, गिरिडीह, चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो में मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि और कामगार हड़ताल को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं.
कल-कारखानों के अलावा खनन कार्यों और ट्रांसपोर्टिंग पर इसका असर पड़ता दिख रहा है. बैंककर्मी के के अलावा आउटसोर्सिंग कामगार भी हड़ताल पर है. असंगठित क्षेत्र में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
हड़ताल के समर्थन में वामदलों के अलावा विभिन्न ट्रेड यूनियन हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं. कई जगह पर रास्ता रोक दिया गया है.
बोकारो थर्मल में नए श्रम कानून के विरोध में सीसीएल गोविंदपुर-स्वांग परियोजना में ट्रेड यूनियनों का हड़ताल जारी है. कामगार अपने काम पर नहीं आए. वहीं, बोकारो के बैंकों में लटके हुए हैं. सीसीएल बीएंड के एरिया के खासमहल कोनार परियोजना तथा बोकारो कोलियरी में हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है. उत्पादन प्रभावित है और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप है.
बोकारो के सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी,कथारा वाशरी एवं जारंगडीह में उत्पादन बुरी तरह ठप है
पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा, चंपूआ सहित कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर दिखा, जहां दुकानें बंद रहीं और बैंकिंग कार्य प्रभावित हुए हैं.
गिरिडीह जिले में भी व्यापक असर पड़ा है. कई इलाके में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दिया है.
कोयलांचल धनबाद में नये श्रम कानून के खिलाफ मजदूर यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल गुरुवार सुबह से ही देखने को मिला है.
देवघर के चितरा कोलियरी में देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतरे. पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लिया है.
