प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए एक्सपर्ट्स और अधिकारियों के एंपावर ग्रुप बने थे. इसी तरह कल ही ऐसे सात नए एंपावर ग्रुप का भी गठन किया गया है.
ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस और महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्रवाई करने का काम करेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में ये संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है. इस परीक्षा में सफलता के लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है. इसलिए इस सदन के माध्यम से मैं देश के सभी राज्य सरकारों से भी कुछ आग्रह करना चाहता हूं. संकट के समय गरीबों पर, श्रमिकों पर और प्रवासी साथियों पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इसलिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ समय पर मिलता रहे, ये सुनिश्चित करना होगा.
साझा प्रयासों से परिस्थितियों का बेहतर सामना
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि साझा प्रयासों से हम परिस्थितियों का बेहतर सामना कर पाएंगे. सरकार ये भी प्रयास कर रही है कि आने वाले बुआई के सीजन में किसानों को पर्याप्त खाद मिलती रहे. सरकार ने खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं. सरकार का निरंतर प्रयास है कि किसानों पर किसी भी संकट का बोझ न पड़े. मैं देश के किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां प्रवासी श्रमिक काम करते हैं, उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए प्रो-एक्टिव कदम उठाए जाएं. ऐसी स्थितियों पर नजर रखने के लिए राज्य सरकारें विशेष व्यवस्थाएं करें, इससे काफी सुविधा होगी.
