जमशेदपुर : जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में अब तक शूटर समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की तफ्तीश कोलकाता से लेकर जमशेदपुर तक जारी है. हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह उर्फ राघव ने एक डिजिल मीडिया प्लेटफॉर्म भी खड़ा किया था. पुलिस ने राघव के सोनारी स्थित इसी डिजिटल मीडिया के कार्यालय और उसके आवास पर छापेमारी की है और कंप्यूटर समेत दस्तावेज खंगाले हैं.
साथ ही डिजिटल मीडिया कार्यालय में काम करने वाले सभी कर्मियों का पूरा विवरण भी पुलिस ने हासिल किया है. कोर्ट से सर्च वारंट की अनुमति मिलने के बाद सोमवार को सरायकेला और जमशेदपुर पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की है. पुलिस के डिजिटल मीडिया कार्यालय पर पहुंचने के साथ ही वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस ने अशोक सिंह राघव की पत्नी को कार्यालय बुलाया.
पत्नी के कार्यालय आने के बाद पुलिस पदाधिकारियों ने डिजिटल मीडिया के कार्यालय में प्रवेश कर छापेमारी शुरू की.
इस दौरान पुलिस ने कार्यालय में मौजूद कई दस्तावेजों की छानबीन की. कार्यालय में रखे कंप्यूटर समेत कई फाइलों की जांच की गई.
पुलिस को पता चला है कि अशोक सिंह राघव ही डिजिटल मीडिया का संचालन करता था.
काम करने वालों को कितने पैसे मिलते हैं
डिजिटल मीडिया कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों का पूरा विवरण भी पुलिस ने लिया है. पुलिस टीम ने वहां काम करने वाले सभी महिला-पुरुष कर्मचारियों का फोन नंबर समेत पूरा डेटा प्राप्त किया है.
छापेमारी के दौरान कार्यालय में मौजूद कुछ कर्मचारियों से पुलिस ने पूछताछ भी की. इस दौरान पुलिस ने कर्मचारियों का वेतन और कार्यशैली के बारे में भी जानकारी ली है.
अशोक सिंह राघव के घर भी छापा
डिजिटल मीडिया के कार्यालय में छापेमारी करने के बाद पुलिस टीम अशोक सिंह राघव के घर पर छापेमारी करने पहुंची.
सरदार अखाड़ा के पास स्थित तीन मंजिला मकान में भी पुलिस टीम ने छापेमारी की.
इस दौरान पुलिस कमरे में रखे कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लगी रही. पुलिस ने घर से कुछ दस्तावेजों को जब्त भी किया है. हालांकि, पुलिस ने जब्त समान या फाइलों के बारे में आधिकारिक तौर पर जानकारी देने से मना किया है.
बिष्टुपुर थाना के एक अधिकारी के मुताबिक निखार सबलोक हत्याकांड के मामले में अनुसंधान जारी है. इस मामले में कई तथ्य अब भी जुटाने है. इस उद्देश्य से कोर्ट से अशोक सिंह राघव द्वारा संचालित डिजिटल मीडिया के कार्यालय और उसके आवास का सर्च वारंट की मांग की गई थी.
कोर्ट से सर्च वारंट की अनुमति मिलने के बाद दोनों जगहों पर जमशेदपुर और चांडिल पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च किया गया है.
कोलकाता से भी दो गिरफ्तारी
गौरतलब है कि 26 अगस्त को टाटा-रांची हाईवे पर चांडिल के टेंथ माइल स्टोन में होटल कारोबारी निखार सबलोक की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी.
इस हत्याकांड का मास्टर माइंड और साजिशकर्ता अशोक सिंह राघव था. पुलिस ने जांच के दौरान अशोक सिंह राघव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि सबलोक की हत्या करने के लिए यूपी से शूटर को सुपारी देकर बुलाया गया था. इसके बाद निखार की हत्या कराई गई.
सबलोक हत्याकांड की जांच के दौरान कोलकाता पुलिस के एक सार्जेंट और ट्रैफिक विभाग के सिविक वॉलंटियर को भी झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
खबरों के मुताबिक पुलिस ने सार्जेंट अयान गुप्ता और एक महिला स्वंयसेवक पिंकी दास को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक पुलिस सार्जेंट निखार सबलोक हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह राघव के करीबी सहयोगी थे.
