पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि पिछली टीएमसी सरकार ने आंदोलन के दौरान कुर्मी समुदाय के लोगों पर जो केस दर्ज किए थे, उन्हें वापस लिया जाएगा.
पुरुलिया के कराड़ी मैदान में आयोजित कुड़मी समाज के करम पर्व महोत्सव में यह घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कुर्मी समुदाय में फूट डालने के अलावा कुछ नहीं किया.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को शामिल करना सुनिश्चित करेगी.
अधिकारी ने कहा कि कुर्मी विकास बोर्ड को जल्द ही फिर से चालू किया जाएगा.
कुड़मी समाज ने सितंबर 2025 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड,बंगाल में आंदोलन किया था.
इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और कई मामले दर्ज किए गए थे. शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कुड़मी समाज के भीतर विभाजन पैदा किया.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस साल की शुरुआत में सत्ता में आई बीजेपी, अप्रैल में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की तरफ से किए वादों को पूरा करेगी.
उन्होंने पद संभालने के बाद से कुर्मी समुदाय के लिए अपनी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया है. अधिकारी ने कहा, हमने इस साल के बजट में आपके विकास के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. आने वाले दिनों में यह राशि बढ़ाई जाएगी. हम संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को शामिल करना भी सुनिश्चित करेंगे.
