रांचीः झारखंड लोकसेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में भूख हड़ताल पर बैठे जेएलकेएम के नेता देवेंद्र नाथ महतो गुट के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार की वार्ता में कोई ठोस सहमति नहीं बनी है. प्रतनिधिनमंडल में शामिल छात्रों ने अपनी मांगों को सरकार के सामने सिलसिलेवार तरीके से रखा.
बातचीत के दौरान छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी परीक्षा रद्द करने की उनकी मांग नहीं मानी जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा.
इस बीच छात्रों ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को जारी रखने की घोषणा की है. उधर जयपाल सिंह स्टेडियम में देवेंद्र नाथ महतो की बूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी है.
प्रदर्शन स्थगित करने की अपील
सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव और सुदिव्य कुमार शामिल हुए.
देवेंद्र नाथ महतो गुट ‘जेपीएससी-जेएसएसी अभ्यर्थी न्याय मंच’ के नाम से आंदोलन को आगे बढ़ा रहा है.
वार्ता मेें इस मंच के रामावतार महतो, चंदन कुमार, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शर्मा शामिल रहे.
मंत्रियों ने छात्रों की मांगों और उनके सुझावों को गंभीरता से सुना. साथ ही छात्रों से धरना, प्रदर्शन स्थगित करने का आग्रह किया गया. यह भी भरोसा दिलाया कि छात्रों की ओर से दिये जाने वाले सुझावों पर सरकार विचार करेगी.
इसी मुद्दे पर छात्रों के विचार और सुझाव जानने के लिए सरकार ने एक डेडीकेटेड वेबसाइट और ईमेल (jpsc.jssc.feedback@gmail.com) जारी किया है, जिसमें सभी छात्र अपनी शिकायत भेज सकेंगे.
शनिवार को ही छात्रों के अन्य समूहों के साथ भी सरकार की वार्ता जारी है. सरकार सभी संगठनों की बात सुनने के साथ मांगों को समझना चाहती है.
पहले मांग मानी जाए, तब हटेंगे
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार केवल आंदोलन कर रहे छात्रों से ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के छात्रों से प्रतियोगी परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाने के लिए सुझाव मांग रही है. उ
न्होंने कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से का छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार से संबंधित अपना सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है.
वहीं, छात्रों ने कहा कि वे अपनी मुख्य मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है, तब तक उनका धरना जारी रहेगा.
शुक्रवार की रात भी हुई थी वार्ता
गौरतलब है कि झारखंड लोकसेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार, सात अगस्त की रात राज्य सरकार के मंत्रियों की कमेटी के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक हुई थी.
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रियों के समक्ष जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े सभी मुद्दों तथा अपनी मांगों का विस्तृत आधार प्रस्तुत किया. छात्र-छात्राओं ने विस्तार से बताया कि उनकी मांगें किन तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित हैं.
मंत्रियों ने सभी बातों को गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने कहा कि छात्रों की बातें और उनके तर्क पूरी तरह उचित हैं. उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री तक सभी मांगों और तथ्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा.
प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि सरकार ने माना कि यह केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है.
