हजारीबागः हजारीबाग वन भूमि घोटाले में आरोपी बनाए गए बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा है कि जांच होने दीजिये. सच सामने होगा. हमने कभी कोई गलत काम नहीं किया है.
वन भूमि घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही है. जांच एजेंसी ने बीजेपी के विधायक प्रदीप प्रसाद को भी आरोपी बनाया है.
एसीबी ने जांच में पाया है कि घोटाले से जुड़ी जमीन की रजिस्ट्री में प्रदीप प्रसाद ने बतौर गवाह अपने हस्ताक्षर किये थे.
जमीन की रजिस्ट्री झारखंड के बड़े व्यवसायी और नेक्सजेन के संचालक विनय सिंह और उनकी पत्नी के नाम पर हजारीबाग रजिस्ट्री कार्यालय में हुई थी.
इधर आरोपी बनाये जाने के बाद बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने मीडिया के सवाल पर कहा है, “समाचार माध्यमों से आज ही जानकारी मिली है कि हमें भी आरोपी बनाया गया है. जांच होने दीजिए, सत्य सामने होगा. मैंने कभी कोई गलत कृत्य नहीं किया है.”
विनय सिंह को एसीबी ने पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया है. अभी वे हजारीबाग जेल में बंद हैं. उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
विनय सिंह पर हजारीबाग में गैर मजरुआ खास किस्म की जमीन की अवैध तरीके से जमाबंदी कराने का आरोप है.. इस मामले में वे प्राथमिकी अभियुक्त हैं. विनय सिंह के कई राजनेताओं और आला अफसरों से अच्छे ताल्लुकात रहे हैं.
पिछले दिनों झारखंड हाइकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने यह कहा कि जांच एजेंसी के पास विनय सिंह के विरुद्ध प्रथम दृष्टया ठोस सबूत हैं.
इसी मामले में डिप्टी कलेक्टर रैंक के दो अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
यह गड़बड़ी हजारीबाग के तत्कीलान उपायुक्त विनय चौबे के कार्यकाल में हुई थी. विनय चौबे भी जांच के लपेटे में हैं.
जानकारी के मुताबिक कम से कम 73 लोग इस मामले में अभियुक्त बनाये गए हैं.
जानकारी के मुताबिक वन भूमि का निजी लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कराने में एसीबी ने गवाह के रूप में भाजपा विधायक की भूमिका को संदिग्ध माना है. इसी आधार पर वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद आरोपी बनाये गये हैं.
अब एसीबी की टीम मामले में भाजपा विधायक की भूमिका की जानकारी लेने के लिए साक्ष्य इकट्ठा कर रही है.
एसीबी को जानकारी मिली है कि संबंधित जमीन प्रदीप प्रसाद के नाम पर भी खरीदी गयी है. ज्ञात हो कि एसीबी इस केस में अभी तक नेक्सजेन शोरूम के संचालक विनय सिंह, जमीन कारोबारी विजय सिंह और तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. केस में अन्य लोग भी आरोपी बनाये गये हैं. जिनकी संलिप्तता पर एसीबी ठोस साक्ष्य एकत्रित करने का प्रयास कर रही है.
