रांचीः पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा है कि अनुसूचित जाति (एससी) को उनके हक और अधिकार से हेमंत सोरेन लगातार वंचित कर रही है. प्रस्ताविक नगर निकाय चुनाव में एससी का कोटा बड़ी आबादी वाले समाज के साथ विश्वासघात है.
नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों के विषय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय के माध्यम से चुनाव कराना तय हुआ है। पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की मांग भी न्यायालय से ही की गई थी, लेकिन सरकार ने डोर तो डोर जाकर निरीक्षण किए बिना मतदाता सूची के आधार पर ओबीसी आरक्षण लागू कर दिया, जो पूरी तरह से ओबीसी के साथ भी अन्याय किया गया।
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में बाउरी ने रांची नगर निगम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे नगर निगम में केवल दो वार्डों में ही एससी को आरक्षण मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से एक वर्ग को दबाने का कार्य कर रही है और अलग-अलग नगर निगमों में अलग-अलग नियम लागू कर रही है.
बाउरी ने कहा कि झारखंड सरकार एससी समाज के संगठित ताकत को नजरअंदाज कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्यायालय के दबाव में आनन-फानन में चुनाव की तैयारी कर रही है. लेकिन दलित समाज की भागीदारी कम कर बाबा साहेब के संविधान की भी अवमानना कर रही है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि हेमंत सोरेन सरकार नगर निगम चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता लाए, ताकि सभी वर्गों को न्याय मिल सके.
उन्होंने कहा कि जब सामाजिक संगठन पदाधिकारियों से बात करते हैं तो उन्हें सरकार का हवाला दिया जाता है, जिससे एससी समाज को अपने हक और अधिकार के लिए बार-बार न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. यदि सरकार अपनी कमियों को दूर नहीं करती है तो आने वाले समय में दलित समाज बाबा साहेब अंबेडकर के संविधानिक कानूनों के तहत आंदोलन करने को मजबूर होगा.
