भारतीय वायुसेना में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत एयर मार्शल नागेश कपूर ने वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का कार्यभार संभाल लिया है.
उन्होंने गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से यह पदभार संभाला है.
उप प्रमुख पद पर उनकी नियुक्ति का आदेश लागू करते हुए वायु मुख्यालय में एक संक्षिप्त लेकिन गरिमामय समारोह में यह पदभार हस्तांतरण सम्पन्न हुआ.
नागेश कपूर ने एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी का स्थान लिया है. तिवारी 31 दिसंबर 2025 को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के उप वायु सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए. उन्होंने राष्ट्र की चार दशकों तक गौरवशाली सेवा की. एयर मार्शल तिवारी 7 जून 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में फ्लाइंग पायलट के रूप में कमीशन हुए. विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3600 घंटे से अधिक के उड़ान अनुभव के साथ, एयर मार्शल ने विविध स्टाफ और कमांड पदों पर कार्य किया है.
एयर मार्शल कपूर को दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन दिया गया था। लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने वायुसेना के कई प्रमुख लड़ाकू और प्रशिक्षण विमान उड़ाए हैं.
वे संचालन, प्रशिक्षण एवं वैमानिकी सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं. अपने पेशेवर जीवन में एयर मार्शल कपूर ने अनेक सामरिक कमान नियुक्तियां भी संभाली हैं. वह वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में अत्यंत अनुभवी पायलटों में गिने जाते हैं.
भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण, परिचालन क्षमता में वृद्धि और भावी युद्धक आवश्यकताओं की रणनीतिक योजना में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा जाता रहा है. उप वायु सेना प्रमुख के रूप में वे अब वायु सेना की प्रमुख नीतियों, संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण ढांचे और भविष्य की तकनीकी अधोसंरचना से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा रहेंगे.
वे 3400 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव वाले अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं.
