रांचीः बीजेपी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने बताया है कि 2014 से अब तक राज्य को 3.14 लाख करोड़ रूपये से अधिक का कर हस्तांतरण मिल चुका है. इसके अलावा अनुदानों के रूप में 2014-26 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ प्रदान किए गए हैं. यह मोदी सरकार की सहकारी संघवाद की नीति का स्पष्ट प्रमाण है.
केंद्रीय बजट 2026-27 पर रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बजट से झारखण्ड में विकास की नई गति मिलेगी.
उन्होंने विशेष पूंजीगत सहायता योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 50 वर्षों की ब्याज-मुक्त ऋण सहायता के तहत झारखण्ड को 2020-21 से जनवरी 2026 तक कुल 11,567 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिससे राज्य में सड़क, सिंचाई, शहरी अवसंरचना और औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिली है.
रेलवे क्षेत्र में निरंतर प्रगति
रेलवे क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक सुधारों का उल्लेख करते हुए सांसद रूडी ने कहा कि झारखण्ड आज 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण वाला राज्य बन चुका है. रेलवे बजट आवंटन 2009-14 के औसत 457 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 7,302 करोड़ रुपये हो गया है.
उन्होंने बताया कि राज्य में 57 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है और 7 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है.
सांसद रूडी ने कहा कि देवघर और जमशेदपुर में नए हवाई अड्डों की शुरुआत, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 3,600 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाएँ झारखण्ड की आर्थिक तस्वीर बदल रही हैं.
उन्होंने जनजातीय कल्याण पर जोर देते हुए कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, पीएम-जनमन योजना और बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं के माध्यम से आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं.
