हरियाणा के भिवाड़ी में एक निर्माणाधीन साइट पर एक हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के छह मजदूरों के शव को उनके पूर्वी सिंहभूम स्थित पोटका और इचागढ़ लाया जा रहा है.
सोमवार की रात इस हादसे में पूर्वी सिंहभूम के छह मजदूरों की हुई मौत के मामले में शवों को उनके घर भेजने और परिजनों को उचित मुआवजा दिए जाने के सवाल पर रांची के सांसद तथा केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो ने पहल की है.
बुधवार को संसद की कार्यवाही के बाद रक्षा राज्य मंत्री सह रांची के सांसद संजय सेठ और जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो देर रात गुरुग्राम पहुंचे. वहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी मांगों को लेकर हरियाणा प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की.
बैठक में प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और आश्रितों को रोजगार देने पर सहमति बनी. कंपनी 20-20 लाख रुपये मुआवजे देगी. इसके अलावा लगभग 19 लाख रुपये अन्य प्रावधान के तहत दिए जाएंगे.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में रक्षा राज्य मंत्री और जमशेदपुर सांसद के साथ गुरुग्राम के जिलाधिकारी अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, सहायक श्रमायुक्त अनिल शर्मा और निर्माण कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे.
कंपनी ने सभी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी ली है.
केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में गुरगाम के आयुक्त की बात पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों से करवाई, ताकि शवों को लाने में कोई प्रशासनिक अड़चन न आए.
संजय सेठ ने कहा कि वे स्वयं पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में रहेंगे और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे.
गौरतलब है कि सोमवार की रात हुए इस हादसे में झारखंड के छह और राजस्थान के एक मजदूर की मौत हुई है. जबकि चार लोग घायल हुए हैं.
झारखंड के जिन छह मजदूरों की मौत हुई है उनमें पोटका (जादूगोड़ा) के धनंजय महतो (55),भागीरथ गोप (52), संजीत गोप उर्फ दुलाल (32) मंगल महतो (30) और इचागढ़ के शिवशंकर सिंह मुंडा (30) तथा परमेश्वर महतो (50) शामिल हैं.
