चाईबासाः चाईबासा नो इंट्री लगाने की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन छेड़ा गया है. रविवार को तांबो चौक से न्याय पद यात्रा निकाली गई है.
यह पद यात्रा, आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बलमुचू की अगुवाई में निकली है, जो विभिन्न पड़ावों तो तय करते हुए एक मई को रांची में सीएम हाउस पहुंचेगी.
न्याय यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण और विभिन्न समाजिक संगठनों के लोग और महिलाएं शामिल हैं.
सभी लोग हाथों में तिरंगा झंडा और न्याय यात्रा की तख्ती पकड़े हुए हैं. यात्रा में शामिल युवा लोगों के बीच मांगों से संबंधित पर्चे बांटते हुए आगे बढ़ रहे हैं.
आंदोलन की राह में उतरे लोग स्थानीय विधायक सह राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, जिला प्रशासन और उद्योगपतियो के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे.
क्या मांग है
- चाईबासा नो एंट्री 2025 लाठीचार्ज मामले में सभी स्थानीय ग्रामीणों पर लगाए गए केस को वापस लिए जाए.
- एमडीआर-177 (चाईबासा बाईपास), एएच-75ई एवं एनएच-220 पर नो एंट्र नियम लागू किया जाए.
- लाठीचार्ज की घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जाए.
- सड़क दुर्घटना के मृत परिवार के लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए.
लाठीचार्ज, गिरफ्तारी
चाईबासा शहर में स्थित बाईपास रोड में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोग नो एंट्री लगाने की मांग करने के दौरान 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुवा को मांग पत्र दिये जाने के लिए उनके आवास पर जाने के लिए सैकड़ों लोग तांबो चौक पर जुटे थे.
इस बीच आंदोलनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी. जिसके बाद मंत्री के आवास के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने, सरकारी कार्य में बाघा पहुंचाने और पुलिस पर पथराव करने के आरोप में 16 लोगों को लोगों को जेल भेजा गया था.
जबकि 74 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में 28 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था. हालांकि सभी 16 गिरफ्तार लोगों को बेल मिल गया है. उसी मामले में अब लोगों ने पद यात्रा कर रांची पहुंचकर सीएम को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है.
