राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज है. सोमवार को पांच सीटों के लिए मतदान है. इनमें बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी उममीदवार हैं. अंक गणित के हिसाब से दोनों की जीत तय है.
सोमवार को ही मतों की गिनती हो जाएगी. पांच सीटों पर छह उम्मीदवारों के उतरने से चुनाव रोटक बना है. दरअसल, पांचवीं सीट के लिए जरूरी मत एनडीए के पास नहीं है. पांचवीं सीट पर जीत के लिए महागठबंधन जोर लगा रहा है. हालांकि एनडीए गठबंधन दावा कर रहा है कि पांचों सीटों पर उनके प्रत्याशी जीतेंगे.
इस बीच रविवार की शाम से ही चुनावी रणनीति और वोटिंग को लेकर बैठकों का दौर शुरू है. रविवार की सुबह जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर बैठक हुई.
इस बैठक में BJP के केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय शर्मा, हर्ष मल्होत्रा के साथ प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू से मंत्री श्रवण कुमार पहुंचे थे. बैठक के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने दावा किया कि सभी पांच सीटों पर जीत एनडीए की ही जीत होगी.
कौन हैं एनडीए के पांच उम्मीदवार
जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर के अलावा बीजेपी से नितिन नबीन और शिवेश कुमार एनडीए के साझा उम्मीदवार हैं. इनके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पांचवें उम्मीदवार हैं. कुशवाहा की जीत के लिए उन्हें एनडीए के वोटों के अलावा अतिरिक्त तीन वोटों की जरूरत पड़ेगी. इसे लेकर ही दांव- पेच जारी है. शनिवार की शाम एनडीए नेताओं की एक बैठक रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर हुई थी. इसमें जीत की रणनीति पर चर्चा हुई.
महागठबंधन के उम्मीदवार
आरजेडी की ओर से अमरेन्द्र सिंह धारी को उम्मीदवार बनाया गया है.
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं. इस हिसाब से एनडीए चार सीटें आराम से जीत सकता है.
पांचवीं सीट के लिए एनडीए को अतिरिक्त तीन विधायकों की जरूरत होगी. सत्तारूढ़ गठबंधन का दावा है कि इसके लिए भी जरूरी समर्थन जुटा लिया गया है.
बिहार विधानसभा में आरजेडी के पास केवल 25 विधायक हैं. आरजेडी को कांग्रेस के छह, बसपा के एक विधायक और एआईएमआईएम के पांच विधायकों के अलावा वाम दलों के विधायक और आईपी गुप्ता के समर्थन की जरूर होगी. महागठबंधन को अगर फूल प्रूफ वोट मिले तो उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ सकती है.
महागठबंधन प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर विरोधी दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को सभी विपक्षी दलों के विधायकों की बैठक बुलायी. सभी को मतदान की प्रक्रिया की जानकारी दी गई.
महागठबंधन ने दावा किया कि उनके पास जीत के लिए पर्याप्त आंकड़ा है.
