पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया है.
इस्तीफ़े के बारे में उन्होंने कहा, ”क्यों मैं क्यों जाऊंगी. हम तो हारे नहीं है कि जाएंगे. हार का सुबूत देते तो इस्तीफ़ा देते. जोर-जबरदस्ती करके कोई बोले कि इस्तीफ़ा देना होगा तो नहीं.अभी इस्तीफ़ा नहीं दूंगी.मैं ये कहना चाहती हूं कि हम चुनाव नहीं हारे हैं.”
ममता बनर्जी के इस बयान के बाद बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जैसी बातें वो बोल रही हैं, उनसे वो खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं. वो कुछ दिनों तक प्रचार की रोशनी में रहना चाहती हैं, इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं. इस तरह की हास्यास्पद बातों का कोई उत्तर भारतीय जनता पार्टी या संविधान में विश्वास करने वाली कोई पार्टी नहीं दे सकती.”
उन्होंने कहा, “संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है.”
चुनाव आयोग पर निशाना
इससे पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी की हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मुख्य विलेन है.
ममता बनर्जी ने कहा, ”पार्टी सदस्यों के साथ आगे की स्ट्रैटजी पर चर्चा की जाएगी. मैं अब बीजेपी के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी. मैं सड़कों पर लौटूंगी.”
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 293 सीटों में से 207 सीटें जीत ली हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीटें जीती हैं. कांग्रेस ने 2 सीटें जीती हैं.
