पटनाः बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए मतदान के दौरान महागठबंधन को झटका लगा है. तेजस्वी की बैठकों और रणनीति के बाद भी कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक वोट करने नहीं पहुंचे.
इन विधायकों की गैरहाजिरी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल है. खासकर पांचवीं सीट के लिए एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्र धारी के बीच कड़ी टक्कर के बीच इस राजनीतिक घटनाक्रम को काफी अहम माना जा रहा है.
खबरों के मुताबिक कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र प्रसाद, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद मतदान के समय विधानसभा नहीं पहुंचे. तीनों विधायक महागठबंधन के हिस्सा हैं और उनका वोट गठबंधन उम्मीदवार के लिए जरूरी माना जा रहा था.
ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस विधायकों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल के ढाका से विधायक फैसल रहमान भी मतदान के दौरान विधानसभा नहीं पहुंचे. राजद विधायक की गैरहाजिरी से महागठबंधन के भीतर रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि उनके पीए ने बताया है कि उनकी मां की तबीयत खराब है. वे दिल्ली गए हैं.
क्या है अंकगणित
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं. इस हिसाब से एनडीए चार सीटें आराम से जीत सकता है.
पांचवीं सीट के लिए एनडीए को अतिरिक्त तीन विधायकों की जरूरत होगी. सत्तारूढ़ गठबंधन का दावा है कि इसके लिए भी जरूरी समर्थन जुटा लिया गया है.
बिहार विधानसभा में आरजेडी के पास केवल 25 विधायक हैं. आरजेडी को कांग्रेस के छह, बसपा के एक विधायक और एआईएमआईएम के पांच विधायकों के अलावा वाम दलों के विधायक और आईपी गुप्ता के समर्थन की जरूर होगी. महागठबंधन को अगर फूल प्रूफ वोट मिले तो उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ सकती है.
भाजपा से नितिन नबीन और शिवेश कुमार तथा जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकिर उम्मीदवार हैं.
वोटिंग के बाद एनडीए के कई प्रमुख नेताओं ने पांचों सीट पर जीत दर्ज करने का दावा किया है.
पांचवीं सीट के लिए लड़ रहे रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं.
इस बीच बिहार के कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने वोट नहीं देने वालों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. उन्होंने कहा कि 13 मार्च तक सभी विधायक संपर्क में थे. इनमें से 3 विधायक ने वोटिंग में हिस्सा नहीं किया. इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता भक्तचरण दास ने कहा कि पार्टी तीनों विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए स्पीकर को अर्जी देंगे. कार्रवाई नहीं होने पर वो सुप्रीम कोर्ट भी जायेंगे.
