रांचीः जिस कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए झारखंड का पुलिस महकमा परेशान है, गैंगस्टर के आंतक से व्यवसाय जगत हलकान है और आंतक की की गूंज विधानसभा के बजट सत्र में सुनाई पड़ रही है, उसके नेटवर्क को लेकर धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने चौंकाने वाला तथ्य बताया है.
सोमवार को धनबाद में प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के साथ पुलिस की हुई मुठभेड़ के बाद एसएसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि पुलिस को जांच के दौरान कई तथाकथित व्हाइट कॉलर लोगों की इस अपराधी से जुड़े होने की पुख्ता सबूत मिले हैं. और इनमें इनमें कुछ पत्रकार भी शामिल हैं.
हालांकि अनुसंधान के लिहाज से पुलिस ने इन सफेदपोशों और पत्रकारों का नाम नहीं बताया है.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक पुलिस को इन सब से लेनदेन में जुड़े कई अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिनमें चैटिंग रिकॉर्ड और बैंक खातों की विस्तृत जानकारी शामिल है.
उन्होंने कहा है कि करीब 60 बैंक खातों की सूची मिली है, जिनके माध्यम से पैसे की लेनदेन की बात सामने आई है. अलबत्ता पुलिस को कुछ संदिग्ध मामलों की तस्वीर भी मिली है जो लगातार गैंग के संपर्क में थे
जांच में यह भी पता चला है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय रहा है. और व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था. उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

विदेश में है, पुलिस क्या कर रही
वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम खौफ इन दिनों झारखंड की राजधानी रांची और धनबाद समेत कई शहरों में सुर्खियों में हैं. उसके गिरोह से जुड़े गुर्गे लगातार व्यवसायियों को धन के लिए लगातार धमकाता रहे हैं. रंगदारी नहीं देने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती रही है. कथित तौर पर वह कभी दुबई तो कभी पाकिस्तान में बैठकर गैंग को संचालित करता रहा है.
दो दिनों पहले ही विधानसभा में जब उसके आंतक का मामला उठा, तो मंत्री य़ोगेंद्र प्रसाद ने कहा था कि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. उसके गिरोह में शामिल अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई में जुटी है.
तब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रिंस खान दुबई और पाकिस्तान जैसे इलाकों में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए वसूली का साम्राज्य चला रहा है. पिछले एक साल में रंगदारी और गोलीबारी की करीब 60 घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस केवल उसके विदेश में होने का हवाला देती है. अगर राज्य की पुलिस 10 लोगों पर भी कड़ी सख्ती दिखाए, तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह सात समंदर पार से भी रंगदारी मांग सके.
भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने भी प्रिंस खान के आतंक से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया और सरकार से पूछा कि आखिर उसे कौन संरक्षण देता है.

धनबाद में रह-रहकर मुठभेड़
सोमवार को धनबाद के केंदुआडीह इलाके में प्रिंस खान के गिरोह के साथ पुलिस की मुठभेड़ में दो अपराधियों को पैर में गोली लगी है. इनमें केंदुआडीह निवासी विक्की डोम और पलामू का रहने वाला अमन सिंह उर्फ कुबेर शामिल है. जबकि भागने के दौरान वासेपुर के रहने वाला अफजल इमाम का पैर टूट गया है. पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में इलाज केलिए अस्पताल में भर्ती कराया है.
इसी मामले में गिरोह से जुड़े अन्य तीन गुर्गे डॉक्टर उर्फ शादाब, आयुष कुमार सिंह और पप्पू पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के टी टॉस रेस्टेरंड में प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों ने ताबड़ातोड़ फायरिंग की थी. इस घटना में एक वेटर की मौत हो गई थी.
इससे पहले आठ मार्च को धनबाद के भूंईफोड़ मंदिर के पास प्रिंस खान गिरोह के गुग्रों के साथ पुलिस की मुठभेड़ में सुदीश ओझा के पैर में गोली लगी थी. इसके बाद दिलीप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था.
सात मार्च को रांची में फायरिंग
गौरतलब है कि सात मार्च की रात झारखंड की राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में टीटॉस रेस्टोरेंट में ताबड़ फायरिंग की घटना में एक वेटर की मौत हो गई थी.
इस घटना के बाद रेस्टोरेंट संचालक ने पुलिस को बताया था कि प्रिंस खान के गिरोह ने उसे धमकी दी थी.
इस घटना को राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे.
इसी मामले में जांच के दौरान रांची पुलिस ने अमन सिंह को उठाया. उसने पुलिस को अन्य अपराधियों की संलिप्तता की जानकारी दी.
रांची पुलिस अमन को लेकर सोमवार अहले सुबह धनबाद पहुंची. यहां वासेपुर से अफजल को पकड़ा गया. दोनों से आमन- सामने बैठाकर पूछताछ की गई. इस क्रम में उन्होंने गैंग के अन्य गुर्गों के बारे में जानकारी दी.
इस जानकारी के बाद दोनों को लेकर पुलिस केंदुआडीह बस्ती पहुंची, तो दोनों चिल्लाते हुए भागने लगे. उनको चिल्लाते देख उनके साथी अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. पुलिस ने मौके से बम, दो लोडेड पिस्तैल और अन्य सामान बरामद किए हैं.
टी टॉस रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस की जारी तफ्तीश के बीच कथित तौर पर इस गैंग ने रांची के प्रसिद्ध जय हिंद फार्मा से एक करोड़ रंगदारी मांगी है. फार्मा के मालिक ने पुलिस में केस दर्ज कराया है.
थ्रेट कॉल या ऑडियो मैसेज भेजकर
प्रिंस खान का अपराध करने का तरीका बिल्कुल किसी डार्क वेब थ्रिलर जैसा है. वह सीधे कॉल करने के बजाय इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का सहारा लेता है.
कई मामलों में वह पहले थ्रेट कॉल या ऑडियो संदेश भेजता है, और यदि मांग पूरी नहीं होती, तो उसके गुर्गे संबंधित प्रतिष्ठान पर फायरिंग या बमबारी करते हैं.
वारदात के तुरंत बाद वह सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हुए कथित वीडियो भी जारी करता है और पुलिस महकमा को खुली चुनौती देता है.
