भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्ट्चार्य ने कहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भाकपा माले वाम फ्रंट के साथ मिलकर 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और मजबूत वाम पक्ष तैयार करेगी.
रांची में पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में भट्टाचार्य ने कहा कि असम के वृहतर गठबंधन में भाकपा माले शामिल है और कुछ सीटों पर उम्मीद्वार खड़ी करेगी. जबकि तमिलनाडु में भाकपा माले 15 सीट पर चुनाव लड़ेगी और शेष सीटों पर डीएमके गठबंधन के साथ मिलकर काम करेगी. पार्टी केरल में कन्नूर, त्रिवनपुरम और त्रिशूल जिलों में 3 सीट पर चुनाव लड़ेगी.
एसआईआर पर कड़ा प्रहार
उन्होंने कहा कि बंगाल में एसआईआर के तहत में 60 लाख लोगों के वोट देने के अधिकार को अधर में लटका दिया गया है. इस स्थिति में चुनाव होना लोकतंत्र का मजाक है.
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम बंगाल में भारी संख्या में महिलाओं और अल्पसंख्यको को मताधिकार से वंचित कर रही है. मतदाता सूची अभी तक तैयार नहीं है. बंगाल के गवर्नर को बदल दिया गया है. तमिलनाडु के विवादास्पद गवर्नर को मोदी सरकार ने नियुक्त किया है, जिनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने भी आलोचना की है.
उन्होंने कहा कि बंगाल के मुख्य सचिव, मुख्य गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक को बदल कर मोदी पुलिस-प्रशासन को पहले ही पूरी तरह से अपने प्रभाव में ले लिया है. चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा साम दाम दंड भेद की नीति अपना रही हैं।
अमेरिकी हमले पर
उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा अचानक किए गए हमले में भारत का रूख शर्मनाक है. युद्ध के मामले में भारत को चुप्पी तोड़नी चाहिए. कम से कम भारत के एक करोड़ मजदूर युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल की पक्षधरता न के भारत की संप्रभुता बल्कि इसके आर्थिक हितों पर भी चोट कर रही है. भारत तेल और LPG का संकट इसकी अभिव्यक्ति है. ईरान के सर्वोच्च नेता के मारे जाने के बावजूद भारत के प्रधानमंत्री का कोई प्रतिक्रिया नहीं देना और 5 हफ्ते बाद विदेश सचिव को भेजना कूटनीतिक विफलता का नतीजा है. यह ईरान के साथ भारत के पारंपरिक संबंधों के विपरीत है.
