पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. फिलहाल वे मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मीडिया से कहा, “नीतीश कुमार ने इस्तीफ़ा दे दिया है. अब आगे की प्रक्रिया की जाएगी.”
एमएलसी संजय गांधी नीतीश कुमार का इस्तीफा लेकर विधान परिषद पहुंचे थे.
नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे. इसके बाद संवैधानिक नियमों के मुताबिक, उन्हें 30 मार्च तक एमएलसी के पद से इस्तीफ़ा देना था.
नीतीश ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया है, फिलहाल वो मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
नीतीश कुमार साल 2006 से विधान परिषद के सदस्य हैं.
साल 2024 में नीतीश लगातार चौथी बार विधान परिषद के सदस्य बने थे, उनका कार्यकाल 2030 में पूरा होना था.
नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफ़े के बाद बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अशोक चौधरी भावुक हो गए.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा, “नीतीश जी ने विकास की जो बड़ी रेखा खींची है, जो भी व्यक्ति आएगा उसके लिए बड़ी चुनौती रहेगी. नीतीश जी के पदचिह्नों पर चलना, उनकी तरह काम करना, घोर से घोर विरोधी के लिए सम्मान रखना, ये सब बड़ी बातें हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार जैसी राजनीतिक सोच वाले लोग अब ‘नई पीढ़ी में नहीं रह गए’ हैं.
